यूरोपीय काउंसिल के प्रेसिडेंट चार्ल्स मिशेल 14 और 15 अप्रैल 2026 को खाड़ी देशों के आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं. इस यात्रा के दौरान वह UAE, सऊदी अरब और कतर का दौरा करेंगे. यह दौरा यूरोपीय संघ (EU) की क्षेत्रीय स्थिरता और शांति को बढ़ावा देने की कोशिशों का एक हिस्सा है.
यूरोपीय संघ के इस दौरे का क्या मकसद है?
EU के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य खाड़ी देशों के साथ रिश्तों को मजबूत करना और इलाके में शांति बनाए रखना है. यूरोपीय आयोग की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयन ने बताया कि मिडिल ईस्ट के संकट का असर यूरोप की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. इस वजह से लेबनान में युद्ध रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित करने पर चर्चा की जाएगी.
किन अहम मुद्दों पर होगी बातचीत?
इस यात्रा के दौरान सुरक्षा और रक्षा सहयोग को लेकर बातचीत होगी. EU विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास के मुताबिक, खाड़ी देशों के साथ सुरक्षा संबंध मजबूत हो रहे हैं, हालांकि रूस-यूक्रेन युद्ध पर यूरोपीय संघ को और सहयोग की उम्मीद है. इसके अलावा, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और गाजा व लेबनान में तुरंत युद्धविराम की जरूरत पर भी जोर दिया जाएगा.
दौरे से जुड़ी मुख्य जानकारी
| तारीख | 14 और 15 अप्रैल 2026 |
|---|---|
| प्रमुख नेता | चार्ल्स मिशेल (European Council President) |
| दौरे वाले देश | UAE, सऊदी अरब और कतर |
| मुख्य लक्ष्य | क्षेत्रीय स्थिरता और रणनीतिक साझेदारी |
यह दौरा 2026 में सऊदी अरब में होने वाले EU-GCC शिखर सम्मेलन की तैयारी का एक कदम माना जा रहा है. इसके जरिए दोनों पक्षों के बीच साझा चुनौतियों और रणनीतिक समझौतों पर बात आगे बढ़ेगी.
