यूरोपीय संसद ने ईरान में बिगड़ते मानवाधिकारों के हालात को लेकर एक कड़ा प्रस्ताव पारित किया है। इस फैसले में ईरान सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों और आम लोगों के साथ किए जा रहे बुरे बर्ताव की कड़ी निंदा की गई। संसद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाने और नए प्रतिबंध लगाने की मांग की है ताकि वहां के हालात सुधरे।

यूरोपीय संसद ने ईरान के खिलाफ क्या बड़े फैसले लिए हैं?

यूरोपीय संसद के 516 सदस्यों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया, जबकि 14 ने विरोध किया और 39 ने मतदान नहीं किया। इस प्रस्ताव के तहत कुछ मुख्य मांगें रखी गई हैं:

  • मौत की सजा: राजनीतिक विरोध को रोकने के लिए दी जाने वाली मौत की सजा को पूरी तरह खत्म करने की मांग की गई।
  • कैदियों की रिहाई: मार्च और अप्रैल 2026 में नाबालिगों समेत कई विरोधियों को गुप्त रूप से फांसी दी गई, जिसके बाद सभी राजनीतिक कैदियों को तुरंत रिहा करने को कहा गया।
  • नए प्रतिबंध: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और सुप्रीम लीडर से जुड़ी संस्थाओं पर संपत्ति फ्रीज करने और यात्रा प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।
  • अदालती कार्रवाई: यूरोपीय देशों के कोर्ट में ईरानी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की वकालत की गई।

इंटरनेट बंदी और मानवाधिकारों के उल्लंघन का क्या हाल है?

रिपोर्ट के मुताबिक ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति बेहद खराब है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने चेतावनी दी है कि ईरान में हो रहा दमन मानवता के खिलाफ अपराध हो सकता है।

  • इंटरनेट शटडाउन: 20 मई 2026 तक ईरान में 82 दिनों से इंटरनेट बंद रहा, जो किसी भी देश में दर्ज सबसे लंबा इंटरनेट शटडाउन है।
  • फांसी की दर: ईरान में दुनिया की सबसे अधिक फांसी देने की दर है। 21 मई को ही दो कुर्दों को फांसी दी गई।
  • राजनीतिक हत्याएं: ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच तनाव बढ़ने के बाद अब तक कम से कम 34 लोगों को राजनीतिक और सुरक्षा कारणों से फांसी दी गई।

UAE और खाड़ी देशों की सुरक्षा पर क्या अपडेट है?

इस घटनाक्रम के बीच UAE फेडरल नेशनल काउंसिल की डिफेंस, इंटीरियर और फॉरेन अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन डॉ. अली राशिद अल नुऐमी ने यूरोपीय संसद की सदस्य हाना जलौल मुरो से मुलाकात की। इस बैठक में डॉ. अल नुऐमी ने बताया कि ईरान द्वारा UAE और अन्य खाड़ी देशों पर किए गए हमले क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। उन्होंने कहा कि Strait of Hormuz पर नियंत्रण की कोशिशों से अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और दुनिया की एनर्जी सप्लाई प्रभावित हो रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूरोपीय संसद ने ईरान के खिलाफ क्या मांग की है?

संसद ने मौत की सजा को खत्म करने, राजनीतिक कैदियों को रिहा करने और IRGC जैसे संगठनों पर संपत्ति फ्रीज करने जैसे कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

ईरान में इंटरनेट की क्या स्थिति है?

ईरान में पिछले 82 दिनों से इंटरनेट बंद है, जो दुनिया के किसी भी देश में अब तक का सबसे लंबा राष्ट्रव्यापी इंटरनेट शटडाउन दर्ज किया गया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com