यूरोपीय संघ ने मध्य पूर्व के देशों पर ईरान द्वारा किए गए अंधाधुंध हमलों की कड़ी निंदा की है। 19 मार्च 2026 को जारी एक बयान में यूरोपीय नेताओं ने इन हमलों को क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया है। ईरान ने हाल ही में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर के महत्वपूर्ण ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया है जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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किन प्रमुख ठिकानों को बनाया गया निशाना?

ईरान ने खाड़ी देशों के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस केंद्रों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। इन हमलों से इन देशों की अर्थव्यवस्था और वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है।

  • कतर के रास लफान (Ras Laffan) गैस कॉम्प्लेक्स में हमलों के बाद भीषण आग लगने की खबरें मिली हैं।
  • संयुक्त अरब अमीरात के हबशान गैस प्लांट और बाब फील्ड को रात में निशाना बनाया गया जिससे प्लांट बंद करने पड़े।
  • सऊदी अरब की समरफ (Samref) रिफाइनरी पर एक ड्रोन गिरने से कामकाज पर असर पड़ा है।
  • कुवैत की दो बड़ी गैस यूनिट्स पर भी मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए हैं।

यूरोपीय संघ और खाड़ी देशों की प्रतिक्रिया

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है। उन्होंने ईरान से तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की है और नए प्रतिबंध लगाने का संकेत दिया है।

संस्था या देश प्रमुख प्रतिक्रिया
यूरोपीय संघ (EU) हमलों को अनुचित और अस्वीकार्य बताया और तुरंत हमले रोकने को कहा।
सऊदी विदेश मंत्री कहा कि हमलों के बाद ईरान के साथ बचा-खुचा भरोसा भी पूरी तरह खत्म हो गया है।
UAE विदेश मंत्रालय अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की बात कही।