Yemen के पास समुद्री रास्ते में फिर हुआ धमाका, जहाज के पास हुआ जोरदार विस्फोट

समुद्री सुरक्षा के लिहाज से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। UKMTO यानी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने जानकारी दी है कि 5 अगस्त 2026 को यमन के तट के पास एक जहाज के करीब जोरदार धमाका हुआ। यह घटना अदन से लगभग 95 नॉटिकल मील यानी करीब 176 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व दिशा में हुई। गनीमत रही कि इस धमाके में किसी भी क्रू मेंबर को चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
घटना की पूरी जानकारी
अधिकारियों ने अभी तक इस विस्फोट की सटीक वजह नहीं बताई है और न ही यह स्पष्ट किया है कि इसके पीछे किन लोगों का हाथ है। फिलहाल इस इलाके में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। आपको बता दें कि यह इलाका लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य का हिस्सा है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आवाजाही के लिए बहुत संवेदनशील माना जाता है। पिछले कुछ समय से यहां समुद्री जहाजों पर खतरों का सिलसिला बना हुआ है, जिससे खाड़ी देशों और वहां काम करने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता बढ़ जाती है।
हाल ही में हुआ एक और बड़ा हादसा
इस घटना से ठीक एक दिन पहले यानी 4 अगस्त 2026 को एक भारतीय जहाज MSV Faize Noore Oliya को निशाना बनाया गया था। लाल सागर में यमन के पश्चिमी तट पर हुए इस हमले में एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल या अनक्रूड सरफेस वेसल का इस्तेमाल किया गया था। इस हमले के बाद जहाज में आग लग गई और वह धीरे-धीरे समुद्र में डूब गया।
अच्छी बात यह रही कि उस जहाज पर सवार 13 भारतीय और 1 Yemeni नागरिक को यमन के अधिकारियों ने समय रहते सुरक्षित बचा लिया। उन सभी को तुरंत चिकित्सा सहायता मुहैया कराई गई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे समुद्री सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता के लिए बड़ा खतरा बताया है।
बढ़ता तनाव और सुरक्षा गठबंधन
यमन की मान्यता प्राप्त सरकार ने इस हमले के लिए Houthi विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है। हूतियों ने पहले ही सऊदी अरब से जुड़ी शिपिंग को रोकने की धमकी दी है और लाल सागर में नए हमलों का ऐलान किया है। तनाव का आलम यह है कि केवल समुद्री ही नहीं, बल्कि जमीन पर भी हमले हो रहे हैं। इसी कड़ी में 4 अगस्त 2026 को हूतियों ने सऊदी अरब के Najran Airport पर ड्रोन से हमला किया था।
समुद्री रास्तों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 30 जुलाई 2026 को 14 देशों ने मिलकर एक Multinational Maritime Defence Alliance का गठन किया है। इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य इन रास्तों से गुजरने वाले जहाजों और कर्मचारियों की सुरक्षा करना है, ताकि व्यापार में बाधा न आए और लोग सुरक्षित रहें।