13 जुलाई 2026 को दक्षिणी ईरान के कई तटीय शहरों और द्वीपों पर अचानक हुए धमाकों से हड़कंप मच गया। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने इस दौरान ईरान पर हमलों की एक नई कड़ी की पुष्टि की है। इन हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना बताया गया है।
हमलों में सैन्य ठिकानों को बनाया गया निशाना
ईरान के सरकारी मीडिया Press TV के अनुसार, होर्मोजगन प्रांत के Sirik, Bandar Abbas और Jask शहरों में तड़के धमाकों की आवाजें सुनी गईं। Qeshm द्वीप के एक स्थानीय अधिकारी ने जानकारी दी कि वहां 10 से 11 गोले दागे गए, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग घायल हुए। इन हमलों में मुख्य रूप से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
लगातार तनाव और हमलों का दौर
यह हाल के दिनों में ईरान पर अमेरिकी हमलों की चौथी कड़ी है। इससे पहले 9 जुलाई को भी Konarak क्षेत्र में दो चरणों में हवाई हमले हुए थे। बुशहर प्रांत के एक अधिकारी ने इसे अमेरिकी ड्रोन के खिलाफ एयर डिफेंस सिस्टम की कार्रवाई बताया। इस पूरे घटनाक्रम के बीच ईरान के एक सांसद ने अमेरिकी बलों को कड़ी चेतावनी दी है, जबकि सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने क्षेत्रीय स्थिरता और नेविगेशन की स्वतंत्रता को लेकर चिंता जाहिर की है।
