विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने 8 जुलाई 2026 को कुवैत का अपना आधिकारिक दौरा पूरा किया। इस दौरान उन्होंने कुवैत में रहने वाले करीब 10 लाख भारतीयों के साथ खास मुलाकात की। उन्होंने भारतीय समुदाय को भारत और कुवैत के बीच एक मजबूत पुल बताया और कुवैत की तरक्की में उनके योगदान की तारीफ की।
डॉ. जयशंकर ने कुवैत के बड़े नेताओं के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं। इनमें क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह, प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह, विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर और रक्षा मंत्री शेख अब्दुल्ला अली शामिल थे। इन बैठकों का मुख्य मकसद दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाना था।
बातचीत के दौरान व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। साथ ही रक्षा उद्योग और समुद्री सुरक्षा जैसे जरूरी मुद्दों पर भी बात की गई। भारत ने कुवैत सरकार का शुक्रिया अदा किया कि उन्होंने वहां रहने वाले भारतीय समुदाय की भलाई और कल्याण का ख्याल रखा।
दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। इस दौरान शांति, स्थिरता और बातचीत के जरिए मसलों को सुलझाने पर जोर दिया गया।
