दुनिया भर में बढ़ रही भीषण गर्मी और लू ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। सऊदी अरब के Al-Ahsa में 14 जुलाई 2026 को तापमान 50°C तक पहुंच गया, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दिल से जुड़ी बीमारियों को लेकर सावधान रहने के निर्देश दिए हैं। अमेरिका के न्यूयॉर्क और बाल्टीमोर जैसे शहरों में भी अत्यधिक गर्मी को लेकर Code Red अलर्ट जारी किया गया है।
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गर्मी कैसे डालती है दिल पर असर
डॉक्टरों के मुताबिक, अत्यधिक तापमान में शरीर को ठंडा रखने के लिए दिल को सामान्य से बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। शरीर की त्वचा को ठंडा रखने के लिए दिल को अधिक खून पंप करना पड़ता है, जिससे हृदय पर काफी दबाव बढ़ जाता है। गर्मी के कारण पसीना ज्यादा निकलता है और शरीर में पानी की कमी यानी dehydration हो जाती है, जो दिल के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
इन 5 बातों का रखें ध्यान
- हृदय पर अधिक तनाव: ज्यादा गर्मी से दिल को शरीर ठंडा करने के लिए तेज काम करना पड़ता है।
- डिहाइड्रेशन: शरीर में पानी की कमी से रक्त का आयतन कम हो जाता है।
- ब्लड प्रेशर में गिरावट: गर्मी के कारण अचानक बीपी गिर सकता है।
- हार्ट अटैक का खतरा: दिल की धमनियों पर दबाव बढ़ने से दिल का दौरा पड़ने का जोखिम बढ़ जाता है।
- अनियमित धड़कन: शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ने से दिल की धड़कन असामान्य हो सकती है।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले मजदूरों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। यदि आप पहले से ही किसी हृदय रोग की दवा ले रहे हैं, तो अधिक सतर्क रहें क्योंकि कुछ दवाएं गर्मी के असर को बढ़ा सकती हैं।
