NEET पेपर लीक मामला: सुप्रीम कोर्ट में FAIMA ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा जल्द शुरू करने की उठाई मांग

फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन यानी FAIMA ने देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। इस याचिका में मांग की गई है कि मेडिकल परीक्षाओं को जल्द से जल्द कंप्यूटर आधारित यानी ऑनलाइन मोड में बदला जाए। साल 2024 में हुए NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद के. राधाकृष्णन समिति ने पेपर लीक रोकने के लिए परीक्षा का तरीका बदलने की सिफारिश की थी, लेकिन अब तक इसे पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है। अदालत में हुई सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि सरकार इस बदलाव पर अभी भी विचार कर रही है, जबकि इस मामले में तेजी दिखाने की जरूरत है ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख और सरकार को निर्देश
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अगले तीन हफ्ते के भीतर एक विस्तृत हलफनामा यानी एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा है कि सरकार यह साफ करे कि राधाकृष्णन समिति और नंदन नीलेकणी टास्क फोर्स की सिफारिशों को लागू करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही सरकार को इन सुधारों को पूरा करने के लिए एक निश्चित समयसीमा भी बतानी होगी। अदालत चाहती है कि परीक्षा प्रणाली में ऐसे स्थायी सुधार किए जाएं जिससे दोबारा कभी पेपर लीक जैसी घटनाएं न हो सकें और छात्रों का भरोसा परीक्षा व्यवस्था पर बना रहे।
कमेटी की बैठक और परीक्षा प्रणाली में बदलाव
मामले की सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को जानकारी दी कि नंदन नीलेकणी समिति ने 19 अगस्त 2026 को इन सभी संरचनात्मक सुधारों को बेहतर बनाने के लिए एक अहम बैठक की थी। शिक्षा मंत्रालय ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA में बड़े स्तर पर बदलाव करने का फैसला किया है। इन सुधारों में चार स्तर की कॉपी जांचने की प्रक्रिया और एनटीए के दफ्तरों के बाहर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF की तैनाती जैसे बड़े कदम शामिल हैं। हालांकि सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह पारंपरिक फिजिकल यानी कागज वाले पेपर सिस्टम की सुरक्षा कमियों और पूरी तरह से ऑनलाइन परीक्षा यानी कंप्यूटर-आधारित टेस्टिंग अपनाने के बीच के जोखिमों का आकलन कर रही है।
इस पूरी प्रक्रिया और अपडेट के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं। इसके अलावा FAIMA द्वारा उठाई गई मांगों और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई की विस्तृत कवरेज ANI News पर पढ़ी जा सकती है।