कुवैत के जाने-माने वकील और ब्लॉगर सलाह अब्दुलरहमान अल हाशिम का 31 जुलाई 2025 को निधन हो गया। वो 70 साल के थे। उनकी मौत के साथ ही कानून और मीडिया की दुनिया में एक लंबे और सम्मानित करियर का अंत हो गया, जिसमें उन्होंने जनता की भलाई, न्याय और संविधान के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाई।

कानून और लेखन में मजबूत पहचान

 अब्दुलरहमान अल हाशिम  राष्ट्रीय मुद्दों, खासकर कानूनी और राजनीतिक मामलों पर गहरी पकड़ के लिए जाने जाते थे। वे सोशल मीडिया पर भी बहुत सक्रिय रहते थे और जनता से जुड़े मसलों पर बेझिझक राय रखते थे। उनके भाई सफा अल हाशिम, कुवैत की नेशनल असेंबली के पूर्व सदस्य रहे हैं।

 सामाजिक न्याय के सच्चे पैरोकार

सलाह अल हाशिम ने सिर्फ अदालतों में नहीं, बल्कि अपने लेखों और भाषणों के जरिए भी समाज में पारदर्शिता, नागरिक अधिकारों और युवाओं की आवाज़ को मजबूत किया। उन्होंने अल क़बस, अल कुवैतीया और अल रोया जैसे अखबारों में नियमित कॉलम लिखे, जिनमें आम कुवैती लोगों की चिंताओं को प्रमुखता से उठाया।

 देश ने खोई एक सच्ची आवाज़

उनके निधन के बाद, कई सार्वजनिक हस्तियों, वकीलों और पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर शोक जताया। सभी ने उन्हें ईमानदारी, देशभक्ति और निडरता का प्रतीक बताया, जिन्होंने हमेशा सत्य बोलने का साहस दिखाया।

Vandana Upadhyay

4 वर्ष तक देश के बड़े अखबारी प्रकाशनो में काम करने के उपरांत मैं अब GulfHindi में अपनी सेवा दे रही हूँ। उम्मीद हैं मेरी लेखनी आप सब को खबरों से सही और सटीक रूबरू कराएगी.