फरीदाबाद में हुए चर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में जांच अब एक अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। दुष्कर्म की शिकार महिला ने जेल में बंद दोनों आरोपियों की आधिकारिक तौर पर पहचान कर ली है। यह पहचान प्रक्रिया (शिनाख्त परेड) जिला जेल में जेल अधीक्षक की निगरानी और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न कराई गई। पुलिस का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी की गई है, जिससे मामले में दोषियों के खिलाफ सबूत और भी पुख्ता हो गए हैं।

अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच पीड़िता को ले जाया गया जिला जेल

घटना के बाद पीड़िता की स्थिति काफी गंभीर बनी हुई थी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लंबे इलाज के बाद जब डॉक्टरों ने उनकी हालत में सुधार देखते हुए उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी, तो पुलिस ने तुरंत कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही पुलिस ने पीड़िता को अपनी कड़ी सुरक्षा में लिया और पहचान परेड के लिए सीधे जिला जेल ले गई। यहां जेल प्रशासन ने पहले से ही शिनाख्त की तैयारियां पूरी कर रखी थीं।

कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए 10 अन्य कैदियों के बीच खड़े किए गए थे दोनों आरोपी

शिनाख्त परेड को पूरी तरह से निष्पक्ष और कानूनन वैध बनाने के लिए जेल प्रशासन ने विशेष सावधानी बरती। जेल मैनुअल के नियमों का पालन करते हुए दोनों आरोपियों को अकेले खड़ा करने के बजाय 10 अन्य बंदियों (कैदियों) के बीच खड़ा किया गया था। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि पहचान की प्रक्रिया पर कोई सवाल न उठे। इसके बावजूद, पीड़िता ने बिना किसी झिझक या असमंजस के 10 लोगों की भीड़ में से अपने गुनाहगारों को पहचान लिया।

शारीरिक बनावट और घटना के वक्त पहने गए कपड़ों के आधार पर की गई शिनाख्त

अधिकारियों ने जानकारी दी कि पीड़िता ने आरोपियों की पहचान उनकी शारीरिक बनावट और कद-काठी के आधार पर की। इसके अलावा, कपड़ों से भी आरोपियों को पहचानने में मदद मिली। पुलिस ने सुनिश्चित किया कि पहचान प्रक्रिया के दौरान सभी कानूनी औपचारिकताओं का सख्ती से पालन हो। इस शिनाख्त कार्यवाही को मामले की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

शिनाख्त के बाद पुलिस के हाथ लगे अहम सबूत, जल्द दाखिल की जा सकती है चार्जशीट

पीड़िता द्वारा आरोपियों की पहचान कर लेने से पुलिस की जांच को बड़ी मजबूती मिली है। जांच अधिकारियों का मानना है कि पहचान परेड के बाद अब आरोपियों के खिलाफ अदालत में पेश करने के लिए सबूत बेहद मजबूत हो गए हैं, जिससे आगे की कानूनी लड़ाई में मदद मिलेगी। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। पुलिस मामले की बची हुई जांच को तेजी से पूरा कर रही है और संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।

GulfHindi Desk

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