{"version":"https://jsonfeed.org/version/1.1","title":"GulfHindi","description":"UAE, Saudi, Qatar, Kuwait, Oman, Iran, Yemen, Isreal समेत अरब की खबर हिंदी में, सबसे तेज सबसे विश्वसनीय।","language":"hi","home_page_url":"https://gulfhindi.com/","feed_url":"https://gulfhindi.com/feed.json","icon":"https://gulfhindi.com/icon.png","items":[{"id":"https://gulfhindi.com/iran-strait-of-hormuz-shipping-safe-update/","content_html":"<p>दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक Strait of Hormuz को लेकर ईरान ने बड़ा दावा किया है। ईरान का कहना है कि इस रास्ते से जहाजों का आना-जाना पूरी तरह सुरक्षित है और शिपिंग का काम सामान्य रूप से चल रहा है। मॉस्को में ईरान के राजदूत काज़ेम जलाली ने यह जानकारी साझा की है।</p>\n<p>📰: <a href=\"https://gulfhindi.com/uae-visa-applications-surge-april-2026-new-rules-golden-visa-update\">UAE Visa Update: दुबई आने वालों की बढ़ी भीड़, वीज़ा नियमों में बड़ा बदलाव, अब ऑनलाइन होगा सारा काम</a>।</p>\n<h2>Strait of Hormuz में जहाजों के लिए क्या हैं नए नियम?</h2>\n<p>ईरान के राजदूत काज़ेम जलाली ने बताया कि नए कानूनी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्थाओं के तहत जहाज इस समुद्री मार्ग से बिना किसी परेशानी के गुजर सकते हैं। उन्होंने साफ किया कि ईरान इस अहम रूट की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी ले रहा है ताकि जहाजों की आवाजाही में कोई रुकावट न आए। उनके मुताबिक शिपिंग मूवमेंट पहले की तरह सामान्य रह सकती है।</p>\n<h2>अमेरिका और इज़राइल के हमलों पर क्या कहा ईरान ने?</h2>\n<p>राजदूत जलाली ने अमेरिका और इज़राइल पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके हमले अपने तय लक्ष्य को पाने में नाकाम रहे। उन्होंने दावा किया कि ईरान में सत्ता बदलने की कोशिश सफल नहीं हुई और इस्लामिक रिपब्लिक अब पहले से कहीं ज्यादा एकजुट होकर खड़ा है।</p>\n<h2>Strait of Hormuz इतना महत्वपूर्ण क्यों है?</h2>\n<p>Strait of Hormuz दुनिया के सबसे बड़े तेल और व्यापारिक समुद्री रास्तों में गिना जाता है। इसी वजह से इस रास्ते को लेकर ईरान या किसी भी देश द्वारा दिए गए बयान का सीधा असर पूरी दुनिया के बाजार और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। दुनिया भर का तेल व्यापार इसी रास्ते से होकर गुजरता है।</p>\n","content_text":"दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक Strait of Hormuz को लेकर ईरान ने बड़ा दावा किया है। ईरान का कहना है कि इस रास्ते से जहाजों का आना-जाना पूरी तरह सुरक्षित है और शिपिंग का काम सामान्य रूप से चल रहा है। मॉस्को में ईरान के राजदूत काज़ेम जलाली ने यह जानकारी साझा की है। 📰: UAE Visa Update: दुबई आने वालों की बढ़ी भीड़, वीज़ा नियमों में बड़ा बदलाव, अब ऑनलाइन होगा सारा काम। Strait of Hormuz में जहाजों के लिए क्या हैं नए नियम? ईरान के राजदूत काज़ेम जलाली ने बताया कि नए कानूनी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्थाओं के तहत जहाज इस समुद्री मार्ग से बिना किसी परेशानी के गुजर सकते हैं। उन्होंने साफ किया कि ईरान इस अहम रूट की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी ले रहा है ताकि जहाजों की आवाजाही में कोई रुकावट न आए। उनके मुताबिक शिपिंग मूवमेंट पहले की तरह सामान्य रह सकती है। अमेरिका और इज़राइल के हमलों पर क्या कहा ईरान ने? राजदूत जलाली ने अमेरिका और इज़राइल पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके हमले अपने तय लक्ष्य को पाने में नाकाम रहे। उन्होंने दावा किया कि ईरान में सत्ता बदलने की कोशिश सफल नहीं हुई और इस्लामिक रिपब्लिक अब पहले से कहीं ज्यादा एकजुट होकर खड़ा है। Strait of Hormuz इतना महत्वपूर्ण क्यों है? Strait of Hormuz दुनिया के सबसे बड़े तेल और व्यापारिक समुद्री रास्तों में गिना जाता है। इसी वजह से इस रास्ते को लेकर ईरान या किसी भी देश द्वारा दिए गए बयान का सीधा असर पूरी दुनिया के बाजार और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। दुनिया भर का तेल व्यापार इसी रास्ते से होकर गुजरता है।","url":"https://gulfhindi.com/iran-strait-of-hormuz-shipping-safe-update/","title":"Strait of Hormuz Update: ईरान ने किया बड़ा दावा, जहाजों की आवाजाही अब भी सुरक्षित, नए सुरक्षा नियमों के तहत गुजर सकेंगे जहाज","summary":"दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक Strait of Hormuz को लेकर ईरान ने बड़ा दावा किया है। ईरान का कहना है कि इस रास्ते से जहाजों का आना-जाना पूरी तरह सुरक्षित है और शिपिंग का काम सामान्य रूप से चल रहा है। मॉस्को में ईरान के राजदूत काज़ेम जलाली ने यह जानकारी साझा की है।","image":"https://cdn.gulfhindi.com/wp-content/uploads/2026/04/gulfhindi_iran-strait-of-hormuz-shipping-safe-update.webp","date_published":"2026-04-25T06:29:54+00:00","date_modified":"2026-04-25T06:29:54+00:00","author":{"name":"Sushma Kumari"},"tags":[]},{"id":"https://gulfhindi.com/uae-visa-applications-surge-april-2026-new-rules-golden-visa-update/","content_html":"<p>UAE में आने वाले पर्यटकों और प्रवासियों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल 2026 में वीज़ा आवेदन 30% बढ़ गए, जिससे पता चलता है कि लोग अब फिर से यात्रा करना चाहते हैं। अब लोग आखिरी समय पर ट्रिप प्लान कर रहे हैं और जल्दी वीज़ा पाने वाले विकल्पों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।</p>\n<h2>वीज़ा आवेदन के लिए क्या हैं नए नियम?</h2>\n<p>UAE के पर्यटन और अर्थव्यवस्था मंत्रालय ने 12 अप्रैल 2026 को एंट्री नियमों में बदलाव किया है। अब सभी तरह के वीज़ा, जैसे बिज़नेस, रिमोट-वर्क और टूरिस्ट वीज़ा, केवल सरकारी पोर्टल ICP और GDRFA Dubai के जरिए ही मिलेंगे। इसके अलावा नेशनल एयरलाइंस और मान्यता प्राप्त होटल या ट्रेवल एजेंसी से भी आवेदन किया जा सकता है। अब दूतावासों (embassy) में जाकर कागज़ जमा करने की सुविधा पूरी तरह बंद कर दी गई है। पेमेंट के लिए Visa, Mastercard और UnionPay जैसे ऑनलाइन तरीकों का इस्तेमाल करना होगा।</p>\n<h2>Golden Visa और Remote-Work Visa में क्या बदलाव हुए?</h2>\n<p>24 अप्रैल 2026 से Golden Visa का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब इसमें नर्स, टीचर, डिजिटल क्रिएटर और ई-स्पोर्ट्स प्रोफेशनल भी शामिल हो सकते हैं। प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए नियम आसान हुए हैं, अब 20 लाख दिरहम की प्रॉपर्टी के लिए 50% भुगतान करके भी आवेदन किया जा सकता है। वहीं, Remote-Work Visa के नियम कड़े कर दिए गए हैं। अब इसके लिए ज्यादा मंथली इनकम, लंबा बैंक स्टेटमेंट और 5 लाख दिरहम का बीमा होना ज़रूरी है।</p>\n<h2>वीज़ा मिलने में कितना समय लगेगा और अन्य विकल्प क्या हैं?</h2>\n<p>अब वीज़ा मिलने का समय काफी कम हो गया है। पहले इसमें तीन हफ्ते से ज्यादा समय लगता था, लेकिन अब यह काम केवल 7 से 14 दिन में हो जाता है। मल्टीपल-एंट्री वीज़ा की मांग में 25-30% की बढ़ोतरी हुई है। 5 साल वाले टूरिस्ट वीज़ा के लिए बैंक बैलेंस 4,000 डॉलर या उसके बराबर होना ज़रूरी है। साथ ही, फरवरी 2026 से एक नया ओवरस्टे फाइन कैलकुलेटर भी शुरू किया गया है, जिससे लोग अपना जुर्माना चेक कर सकते हैं।</p>\n","content_text":"UAE में आने वाले पर्यटकों और प्रवासियों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल 2026 में वीज़ा आवेदन 30% बढ़ गए, जिससे पता चलता है कि लोग अब फिर से यात्रा करना चाहते हैं। अब लोग आखिरी समय पर ट्रिप प्लान कर रहे हैं और जल्दी वीज़ा पाने वाले विकल्पों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। वीज़ा आवेदन के लिए क्या हैं नए नियम? UAE के पर्यटन और अर्थव्यवस्था मंत्रालय ने 12 अप्रैल 2026 को एंट्री नियमों में बदलाव किया है। अब सभी तरह के वीज़ा, जैसे बिज़नेस, रिमोट-वर्क और टूरिस्ट वीज़ा, केवल सरकारी पोर्टल ICP और GDRFA Dubai के जरिए ही मिलेंगे। इसके अलावा नेशनल एयरलाइंस और मान्यता प्राप्त होटल या ट्रेवल एजेंसी से भी आवेदन किया जा सकता है। अब दूतावासों (embassy) में जाकर कागज़ जमा करने की सुविधा पूरी तरह बंद कर दी गई है। पेमेंट के लिए Visa, Mastercard और UnionPay जैसे ऑनलाइन तरीकों का इस्तेमाल करना होगा। Golden Visa और Remote-Work Visa में क्या बदलाव हुए? 24 अप्रैल 2026 से Golden Visa का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब इसमें नर्स, टीचर, डिजिटल क्रिएटर और ई-स्पोर्ट्स प्रोफेशनल भी शामिल हो सकते हैं। प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए नियम आसान हुए हैं, अब 20 लाख दिरहम की प्रॉपर्टी के लिए 50% भुगतान करके भी आवेदन किया जा सकता है। वहीं, Remote-Work Visa के नियम कड़े कर दिए गए हैं। अब इसके लिए ज्यादा मंथली इनकम, लंबा बैंक स्टेटमेंट और 5 लाख दिरहम का बीमा होना ज़रूरी है। वीज़ा मिलने में कितना समय लगेगा और अन्य विकल्प क्या हैं? अब वीज़ा मिलने का समय काफी कम हो गया है। पहले इसमें तीन हफ्ते से ज्यादा समय लगता था, लेकिन अब यह काम केवल 7 से 14 दिन में हो जाता है। मल्टीपल-एंट्री वीज़ा की मांग में 25-30% की बढ़ोतरी हुई है। 5 साल वाले टूरिस्ट वीज़ा के लिए बैंक बैलेंस 4,000 डॉलर या उसके बराबर होना ज़रूरी है। साथ ही, फरवरी 2026 से एक नया ओवरस्टे फाइन कैलकुलेटर भी शुरू किया गया है, जिससे लोग अपना जुर्माना चेक कर सकते हैं।","url":"https://gulfhindi.com/uae-visa-applications-surge-april-2026-new-rules-golden-visa-update/","title":"UAE Visa Update: दुबई आने वालों की बढ़ी भीड़, वीज़ा नियमों में बड़ा बदलाव, अब ऑनलाइन होगा सारा काम","summary":"UAE में आने वाले पर्यटकों और प्रवासियों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल 2026 में वीज़ा आवेदन 30% बढ़ गए, जिससे पता चलता है कि लोग अब फिर से यात्रा करना चाहते हैं। अब लोग आखिरी समय पर ट्रिप प्लान कर रहे हैं और जल्दी वीज़ा पाने वाले विकल्पों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।","image":"https://cdn.gulfhindi.com/wp-content/uploads/2026/04/gulfhindi_uae-visa-applications-surge-april-2026-new-rules-golden-visa-update.webp","date_published":"2026-04-25T06:24:38+00:00","date_modified":"2026-04-25T06:24:38+00:00","author":{"name":"Sushma Kumari"},"tags":[]},{"id":"https://gulfhindi.com/us-iran-conflict-reed-rubinstein-international-law-deadline/","content_html":"<p>अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी विदेश विभाग के कानूनी सलाहकार Reed Rubinstein ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका जो कुछ भी कर रहा है वह अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब 1 मई की एक अहम समय-सीमा करीब है और अमेरिकी कांग्रेस में इस युद्ध को लेकर बहस चल रही है.</p>\n<h2>अमेरिका ने ईरान पर हमले को सही क्यों बताया है?</h2>\n<p>Reed Rubinstein ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई असल में <b>Israel</b> और अमेरिका का आत्मरक्षा (self-defence) का कदम है. उनके मुताबिक, यह कोई नया युद्ध नहीं है बल्कि दशकों से चल रही ईरान की आक्रामकता का जवाब है. अमेरिका का कहना है कि उसने अपने सहयोगी Israel की मदद करने और अपनी सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया है. हालांकि, 100 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि ईरान से कोई तत्काल खतरा नहीं था.</p>\n<h2>1 मई की डेडलाइन और War Powers Resolution क्या है?</h2>\n<p>अमेरिकी कानून &#8216;War Powers Resolution&#8217; के तहत राष्ट्रपति को सैन्य कार्रवाई शुरू करने के 60 दिनों के भीतर कांग्रेस से मंजूरी लेनी होती है. इस संघर्ष के लिए यह समय-सीमा 1 मई को खत्म हो रही है. अगर मंजूरी नहीं मिली, तो राष्ट्रपति को या तो सेना वापस बुलानी होगी या फिर लिखित में 30 दिन का और समय मांगना होगा. इस मुद्दे पर अमेरिकी राजनीति में दो गुट बन गए हैं, जहां Democrats युद्ध खत्म करना चाहते हैं और Republicans इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं.</p>\n<h2>ताजा हालात और अन्य देशों का क्या कहना है?</h2>\n<p>हाल ही में राष्ट्रपति <b>Donald Trump</b> ने Israel और Lebanon के बीच ceasefire को तीन हफ्ते के लिए बढ़ाया है, लेकिन Hezbollah ने इसे मानने से इनकार कर दिया है. दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिका पर M/V Touska नाम के जहाज को जब्त कर अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने का आरोप लगाया है. रूस के विदेश मंत्री Lavrov ने भी इस स्थिति की आलोचना की है. फिलहाल ईरान के विदेश मंत्री शांति के लिए पाकिस्तान, ओमान और रूस के दौरों पर हैं जबकि CENTCOM ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रखी है.</p>\n","content_text":"अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी विदेश विभाग के कानूनी सलाहकार Reed Rubinstein ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका जो कुछ भी कर रहा है वह अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब 1 मई की एक अहम समय-सीमा करीब है और अमेरिकी कांग्रेस में इस युद्ध को लेकर बहस चल रही है. अमेरिका ने ईरान पर हमले को सही क्यों बताया है? Reed Rubinstein ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई असल में Israel और अमेरिका का आत्मरक्षा (self-defence) का कदम है. उनके मुताबिक, यह कोई नया युद्ध नहीं है बल्कि दशकों से चल रही ईरान की आक्रामकता का जवाब है. अमेरिका का कहना है कि उसने अपने सहयोगी Israel की मदद करने और अपनी सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया है. हालांकि, 100 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि ईरान से कोई तत्काल खतरा नहीं था. 1 मई की डेडलाइन और War Powers Resolution क्या है? अमेरिकी कानून &#8216;War Powers Resolution&#8217; के तहत राष्ट्रपति को सैन्य कार्रवाई शुरू करने के 60 दिनों के भीतर कांग्रेस से मंजूरी लेनी होती है. इस संघर्ष के लिए यह समय-सीमा 1 मई को खत्म हो रही है. अगर मंजूरी नहीं मिली, तो राष्ट्रपति को या तो सेना वापस बुलानी होगी या फिर लिखित में 30 दिन का और समय मांगना होगा. इस मुद्दे पर अमेरिकी राजनीति में दो गुट बन गए हैं, जहां Democrats युद्ध खत्म करना चाहते हैं और Republicans इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं. ताजा हालात और अन्य देशों का क्या कहना है? हाल ही में राष्ट्रपति Donald Trump ने Israel और Lebanon के बीच ceasefire को तीन हफ्ते के लिए बढ़ाया है, लेकिन Hezbollah ने इसे मानने से इनकार कर दिया है. दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिका पर M/V Touska नाम के जहाज को जब्त कर अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने का आरोप लगाया है. रूस के विदेश मंत्री Lavrov ने भी इस स्थिति की आलोचना की है. फिलहाल ईरान के विदेश मंत्री शांति के लिए पाकिस्तान, ओमान और रूस के दौरों पर हैं जबकि CENTCOM ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रखी है.","url":"https://gulfhindi.com/us-iran-conflict-reed-rubinstein-international-law-deadline/","title":"US-Iran War: अमेरिका ने किया दावा, अंतरराष्ट्रीय कानून के अंदर है ईरान हमला, 1 मई तक लेना होगा फैसला","summary":"अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी विदेश विभाग के कानूनी सलाहकार Reed Rubinstein ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका जो कुछ भी कर रहा है वह अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब 1 मई की एक अहम समय-सीमा करीब है और अमेरिकी कांग्रेस में इस युद्ध को लेकर बहस चल रही है.","image":"https://cdn.gulfhindi.com/wp-content/uploads/2026/04/gulfhindi_us-iran-conflict-reed-rubinstein-international-law-deadline.webp","date_published":"2026-04-25T06:22:10+00:00","date_modified":"2026-04-25T06:22:10+00:00","author":{"name":"Praggya Singh sabal"},"tags":[]},{"id":"https://gulfhindi.com/saudi-arabia-qiddiya-f1-track-construction-update/","content_html":"<p>सऊदी अरब रियाद के पास किदिया शहर में एक बहुत ही आधुनिक F1 ट्रैक बना रहा है। इस ट्रैक का नाम किदिया स्पीड पार्क ट्रैक (Qiddiya Speed Park Track) रखा गया है। इसे बनाने में करीब 4,100 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यह दुनिया के सबसे अनोखे रेसिंग ट्रैक में से एक होगा।</p>\n<h2>किदिया स्पीड पार्क ट्रैक की खासियतें क्या हैं?</h2>\n<p>इस ट्रैक को मशहूर डिज़ाइनर Hermann Tilke और पूर्व F1 ड्राइवर Alex Wurz ने तैयार किया है। इसमें कुल 21 मोड़ होंगे, जिनमें &#8216;द ब्लेड&#8217; (The Blade) नाम का पहला मोड़ सबसे खास है। यह मोड़ जमीन से 70 मीटर यानी करीब 20 मंजिल की ऊंचाई पर होगा, जिससे कार चलाते समय ऐसा लगेगा कि वह हवा में है। ट्रैक में ऊंचाई का बदलाव भी 108 मीटर तक रहेगा।</p>\n<h2>ट्रैक कब तक तैयार होगा और कितना पैसा लगेगा?</h2>\n<p>इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 480 से 500 मिलियन डॉलर है। निर्माण का काम 2024 में शुरू हो चुका है और उम्मीद है कि 2027 तक यह पूरा हो जाएगा। हालांकि, F1 रेसिंग की शुरुआत 2028 या 2029 में हो सकती है। आने वाले समय में सऊदी अरब ग्रां प्री की मेजबानी जेद्दा की जगह इसी ट्रैक पर होगी।</p>\n<h2>किदिया शहर और प्रोजेक्ट से जुड़ी अन्य बातें</h2>\n<p>किदिया इन्वेस्टमेंट कंपनी (QIC) इस पूरे प्रोजेक्ट की मालिक है और Unimac कंपनी ने इसके निर्माण के लिए 1.8 बिलियन SR का कॉन्ट्रैक्ट लिया है। किदिया शहर करीब 400 वर्ग किलोमीटर में फैला एक बड़ा मनोरंजन प्रोजेक्ट है, जो सिंगापुर के क्षेत्रफल के आधे से भी ज्यादा है। अप्रैल 2026 की नई तस्वीरों में &#8216;द ब्लेड&#8217; कॉर्नर के लिए बड़ी सपोर्ट संरचनाएं बनती देखी गई हैं।</p>\n","content_text":"सऊदी अरब रियाद के पास किदिया शहर में एक बहुत ही आधुनिक F1 ट्रैक बना रहा है। इस ट्रैक का नाम किदिया स्पीड पार्क ट्रैक (Qiddiya Speed Park Track) रखा गया है। इसे 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करीब 400 वर्ग किलोमीटर में फैला एक बड़ा मनोरंजन प्रोजेक्ट है, जो सिंगापुर के क्षेत्रफल के आधे से भी ज्यादा है। अप्रैल 2026 की नई तस्वीरों में &#8216;द ब्लेड&#8217; कॉर्नर के लिए बड़ी सपोर्ट संरचनाएं बनती देखी गई हैं।","url":"https://gulfhindi.com/saudi-arabia-qiddiya-f1-track-construction-update/","title":"Saudi Arabia F1 Track: सऊदी अरब बना रहा है दुनिया का सबसे अनोखा F1 ट्रैक, हवा में होगा मोड़ और खर्च होंगे 4100 करोड़ रुपये","summary":"सऊदी अरब रियाद के पास किदिया शहर में एक बहुत ही आधुनिक F1 ट्रैक बना रहा है। इस ट्रैक का नाम किदिया स्पीड पार्क ट्रैक (Qiddiya Speed Park Track) रखा गया है। इसे बनाने में करीब 4,100 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यह दुनिया के सबसे अनोखे रेसिंग ट्रैक में से एक होगा।","image":"https://cdn.gulfhindi.com/wp-content/uploads/2026/04/gulfhindi_saudi-arabia-qiddiya-f1-track-construction-update.webp","date_published":"2026-04-25T06:19:44+00:00","date_modified":"2026-04-25T06:19:44+00:00","author":{"name":"Sushma Kumari"},"tags":[]},{"id":"https://gulfhindi.com/us-iran-peace-talks-islamabad-conflicting-statements/","content_html":"<p>अमेरिका और ईरान के बीच शांति की कोशिशों को लेकर अब खींचतान शुरू हो गई है। शुक्रवार को दोनों देशों ने शांति वार्ता की स्थिति पर एक-दूसरे से बिल्कुल अलग बातें कही हैं। जबकि अमेरिका का दावा है कि दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत होगी, वहीं ईरान ने इस बात को पूरी तरह खारिज कर दिया है। यह पूरा मामला पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में चल रही कूटनीतिक हलचलों से जुड़ा है।</p>\n<h2>अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर क्या विवाद हुआ?</h2>\n<p>व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने जानकारी दी कि अमेरिकी विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner शनिवार, 26 अप्रैल को पाकिस्तान जाएंगे। अमेरिका का कहना है कि ईरान ने खुद इस आमने-सामने की मुलाकात की मांग की थी। लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmael Baqaei ने सोशल मीडिया पर साफ कह दिया कि अमेरिका के साथ उनकी कोई सीधी बैठक तय नहीं है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के अधिकारी ही दोनों देशों के बीच संदेश पहुंचाने का काम करेंगे।</p>\n<h2>पाकिस्तान की भूमिका और जमीनी तनाव की क्या स्थिति है?</h2>\n<p>ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi शुक्रवार को आधिकारिक दौरे पर इस्लामाबाद पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात पाकिस्तानी विदेश मंत्री Mohammad Ishaq Dar, आर्मी चीफ Asim Munir और आंतरिक मंत्री Mohsin Naqvi से हुई। दूसरी तरफ सैन्य तनाव भी बढ़ रहा है। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने Strait of Hormuz में माइन बिछाए तो अमेरिकी सेना उन्हें नष्ट कर देगी। उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी अब और सख्त की जा रही है।</p>\n<h2>आर्थिक दबाव और तेल शिपमेंट पर अमेरिका का क्या फैसला है?</h2>\n<p>अमेरिका अब ईरान पर आर्थिक दबाव और ज्यादा बढ़ाने की तैयारी में है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने पुष्टि की कि ईरान के तेल शिपमेंट के लिए दी जाने वाली एक बार की छूट (waiver) को अब रिन्यू नहीं किया जाएगा। अमेरिका चाहता है कि ईरान एक गंभीर डील के लिए तैयार हो। इससे पहले अप्रैल की शुरुआत में इस्लामाबाद में हुई बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई थी, क्योंकि ईरान ने अमेरिकी नाकेबंदी खत्म होने तक प्रतिनिधिमंडल भेजने से मना कर दिया था।</p>\n","content_text":"अमेरिका और ईरान के बीच शांति की कोशिशों को लेकर अब खींचतान शुरू हो गई है। शुक्रवार को दोनों देशों ने शांति वार्ता की स्थिति पर एक-दूसरे से बिल्कुल अलग बातें कही हैं। जबकि अमेरिका का दावा है कि दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत होगी, वहीं ईरान ने इस बात को पूरी तरह खारिज कर दिया है। यह पूरा मामला पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में चल रही कूटनीतिक हलचलों से जुड़ा है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर क्या विवाद हुआ? व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने जानकारी दी कि अमेरिकी विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner शनिवार, 26 अप्रैल को पाकिस्तान जाएंगे। अमेरिका का कहना है कि ईरान ने खुद इस आमने-सामने की मुलाकात की मांग की थी। लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmael Baqaei ने सोशल मीडिया पर साफ कह दिया कि अमेरिका के साथ उनकी कोई सीधी बैठक तय नहीं है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के अधिकारी ही दोनों देशों के बीच संदेश पहुंचाने का काम करेंगे। पाकिस्तान की भूमिका और जमीनी तनाव की क्या स्थिति है? ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi शुक्रवार को आधिकारिक दौरे पर इस्लामाबाद पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात पाकिस्तानी विदेश मंत्री Mohammad Ishaq Dar, आर्मी चीफ Asim Munir और आंतरिक मंत्री Mohsin Naqvi से हुई। दूसरी तरफ सैन्य तनाव भी बढ़ रहा है। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने Strait of Hormuz में माइन बिछाए तो अमेरिकी सेना उन्हें नष्ट कर देगी। उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी अब और सख्त की जा रही है। आर्थिक दबाव और तेल शिपमेंट पर अमेरिका का क्या फैसला है? अमेरिका अब ईरान पर आर्थिक दबाव और ज्यादा बढ़ाने की तैयारी में है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने पुष्टि की कि ईरान के तेल शिपमेंट के लिए दी जाने वाली एक बार की छूट (waiver) को अब रिन्यू नहीं किया जाएगा। अमेरिका चाहता है कि ईरान एक गंभीर डील के लिए तैयार हो। इससे पहले अप्रैल की शुरुआत में इस्लामाबाद में हुई बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई थी, क्योंकि ईरान ने अमेरिकी नाकेबंदी खत्म होने तक प्रतिनिधिमंडल भेजने से मना कर दिया था।","url":"https://gulfhindi.com/us-iran-peace-talks-islamabad-conflicting-statements/","title":"US और Iran के बीच शांति वार्ता पर मचा बवाल, दोनों देशों ने दिए अलग-अलग बयान, पाकिस्तान में होगी बैठक","summary":"अमेरिका और ईरान के बीच शांति की कोशिशों को लेकर अब खींचतान शुरू हो गई है। शुक्रवार को दोनों देशों ने शांति वार्ता की स्थिति पर एक-दूसरे से बिल्कुल अलग बातें कही हैं। जबकि अमेरिका का दावा है कि दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत होगी, वहीं ईरान ने इस बात को पूरी तरह खारिज कर दिया है।","image":"https://cdn.gulfhindi.com/wp-content/uploads/2026/04/gulfhindi_us-iran-peace-talks-islamabad-conflicting-statements.webp","date_published":"2026-04-25T06:12:48+00:00","date_modified":"2026-04-25T06:12:48+00:00","author":{"name":"Aanya"},"tags":[]},{"id":"https://gulfhindi.com/kuwait-saudi-foreign-ministers-discuss-regional-developments/","content_html":"<p>कुवैत के विदेश मंत्री शेख जराह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने हाल ही में क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की। दोनों देशों के बीच हुई इस बातचीत का मुख्य मकसद इलाके में शांति और सुरक्षा बनाए रखना था। इस बातचीत के जरिए दोनों देशों ने एक-दूसरे के साथ सहयोग करने की बात कही ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।</p>\n<p>🚨: <a href=\"https://gulfhindi.com/us-iran-talks-pakistan-diplomacy-update-2026\">US Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच फिर होगी बातचीत, पाकिस्तान जा रहे हैं अमेरिकी दूत, जेडी वेंस नहीं होंगे शामिल</a>।</p>\n<h2>कुवैत और सऊदी अरब की बातचीत में क्या रहा मुख्य मुद्दा?</h2>\n<p>20 और 21 अप्रैल 2026 को दोनों मंत्रियों के बीच बातचीत हुई। उन्होंने क्षेत्रीय विकास और सुरक्षा के ताजा हालात पर विस्तार से चर्चा की। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि पूरे क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे। इसके लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे ताकि किसी भी तरह की अस्थिरता को रोका जा सके और आपसी सहयोग बढ़ाया जा सके।</p>\n<h2>सऊदी विदेश मंत्री ने अन्य देशों के साथ क्या चर्चा की?</h2>\n<p>प्रिंस फैसल बिन फरहान ने केवल कुवैत ही नहीं, बल्कि अन्य देशों के साथ भी संपर्क साधा। 22 अप्रैल को उन्होंने नीदरलैंड के विदेश मंत्री से मुलाकात की और ईरान की आक्रामकता की निंदा की। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा बनाए रखने पर बात की। वहीं 23 अप्रैल को उन्होंने लेबनान के संसद अध्यक्ष से बात कर वहां की स्थिरता और सरकारी संस्थाओं को मजबूत करने का समर्थन किया।</p>\n","content_text":"कुवैत के विदेश मंत्री शेख जराह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने हाल ही में क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की। दोनों देशों के बीच हुई इस बातचीत का मुख्य मकसद इलाके में शांति और सुरक्षा बनाए रखना था। इस बातचीत के जरिए दोनों देशों ने एक-दूसरे के साथ सहयोग करने की बात कही ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे। 🚨: US Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच फिर होगी बातचीत, पाकिस्तान जा रहे हैं अमेरिकी दूत, जेडी वेंस नहीं होंगे शामिल। कुवैत और सऊदी अरब की बातचीत में क्या रहा मुख्य मुद्दा? 20 और 21 अप्रैल 2026 को दोनों मंत्रियों के बीच बातचीत हुई। उन्होंने क्षेत्रीय विकास और सुरक्षा के ताजा हालात पर विस्तार से चर्चा की। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि पूरे क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे। इसके लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे ताकि किसी भी तरह की अस्थिरता को रोका जा सके और आपसी सहयोग बढ़ाया जा सके। सऊदी विदेश मंत्री ने अन्य देशों के साथ क्या चर्चा की? प्रिंस फैसल बिन फरहान ने केवल कुवैत ही नहीं, बल्कि अन्य देशों के साथ भी संपर्क साधा। 22 अप्रैल को उन्होंने नीदरलैंड के विदेश मंत्री से मुलाकात की और ईरान की आक्रामकता की निंदा की। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा बनाए रखने पर बात की। वहीं 23 अप्रैल को उन्होंने लेबनान के संसद अध्यक्ष से बात कर वहां की स्थिरता और सरकारी संस्थाओं को मजबूत करने का समर्थन किया।","url":"https://gulfhindi.com/kuwait-saudi-foreign-ministers-discuss-regional-developments/","title":"Kuwait-Saudi Update: विदेश मंत्रियों ने फोन पर की बातचीत, क्षेत्रीय हालात और सुरक्षा को लेकर बनी रणनीति","summary":"कुवैत के विदेश मंत्री शेख जराह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने हाल ही में क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की। दोनों देशों के बीच हुई इस बातचीत का मुख्य मकसद इलाके में शांति और सुरक्षा बनाए रखना था। इस बातचीत के जरिए दोनों देशों ने एक-दूसरे के साथ सहयोग करने की बात कही ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।","image":"https://cdn.gulfhindi.com/wp-content/uploads/2026/04/gulfhindi_kuwait-saudi-foreign-ministers-discuss-regional-developments.webp","date_published":"2026-04-25T06:10:58+00:00","date_modified":"2026-04-25T06:10:58+00:00","author":{"name":"Sushma Kumari"},"tags":[]},{"id":"https://gulfhindi.com/us-iran-talks-pakistan-diplomacy-update-2026/","content_html":"<p>अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए एक बार फिर कोशिशें शुरू हो गई हैं। अमेरिकी दूत <b>Steve Witkoff</b> और <b>Jared Kushner</b> पाकिस्तान के इस्लामाबाद जा रहे हैं जहाँ उनकी मुलाकात ईरानी विदेश मंत्री <b>Abbas Araghchi</b> से होगी। हालांकि इस बार अमेरिकी उपराष्ट्रपति <b>JD Vance</b> इस टीम का हिस्सा नहीं हैं और वे स्टैंडबाय पर रहेंगे।</p>\n<h2>अमेरिका और ईरान की बातचीत में अब क्या बदलाव हुए हैं?</h2>\n<p>इससे पहले 11 अप्रैल को जेडी वेंस ने अमेरिकी टीम की अगुवाई की थी, लेकिन तब 21 घंटे चली बातचीत के बाद भी कोई समझौता नहीं हो पाया था। अब 24-25 अप्रैल को होने वाली चर्चाओं में विटकॉफ और कुश्नर जा रहे हैं। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि पिछली बातचीत विफल रहने के कारण इस बार चर्चा का स्तर थोड़ा कम रखा गया है, इसलिए उपराष्ट्रपति वेंस इस दौर में शामिल नहीं हो रहे हैं।</p>\n<h2>ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को बेकार क्यों बताया?</h2>\n<p>राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम (ceasefire) को अनिश्चित काल तक बढ़ाने का ऐलान किया था, लेकिन ईरान ने इसे अर्थहीन कहा है। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उनके बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी कर रखी है, जो कि युद्धविराम का उल्लंघन है। ईरान की सरकार ने साफ़ कर दिया है कि जब तक यह नाकेबंदी नहीं हटती, उनके प्रतिनिधि सीधे बातचीत की मेज पर नहीं लौटेंगे।</p>\n<h2>बातचीत का नया तरीका और पाकिस्तान की क्या भूमिका है?</h2>\n<p>ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ई ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडलों के बीच कोई सीधी मुलाकात नहीं होगी। इसके बजाय, पाकिस्तान के अधिकारी दोनों पक्षों के बीच संदेश पहुँचाने का काम करेंगे। अमेरिका ने भी यह जानकारी दी है कि वे 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href=\"https://gulfhindi.com/iran-us-meeting-denial-islamabad-pakistan-mediation\">Iran-US Meeting Update: इस्लामाबाद में अमेरिका से मुलाकात की खबर को ईरान ने नकारा, पाकिस्तान करेगा बीच-बचाव</a>।</p>\n<h2>अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कैसे होगी?</h2>\n<p>व्हाइट हाउस ने बताया कि अमेरिकी दूत Steve Witkoff और Jared Kushner शनिवार 25 अप्रैल को इस्लामाबाद पहुंचेंगे। पाकिस्तान यहाँ एक बीच के रास्ते या पुल की तरह काम करेगा और दोनों देशों के बीच संदेश पहुंचाएगा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmael Baqaei ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच कोई सीधी मीटिंग नहीं होगी। ईरान अपने शांति प्रस्ताव का एक लिखित जवाब भी साथ लेकर आया है जिसे पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुँचाया जाएगा।</p>\n<h2>अरगची के दौरे का मकसद और अन्य देशों का दौरा</h2>\n<p>Abbas Araghchi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि उनके लिए पड़ोसी देश सबसे ज्यादा जरूरी हैं। पाकिस्तान के बाद वह ओमान और फिर रूस का दौरा करेंगे। इस पूरे मिशन का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे तनाव को कम करना और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बात करना है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar और आर्मी चीफ Field Marshal Asim Munir भी इन चर्चाओं में शामिल रहेंगे।</p>\n<h2>पिछली बातचीत और वर्तमान स्थिति</h2>\n<p>इससे पहले 11 और 12 अप्रैल को भी इस्लामाबाद में बातचीत हुई थी, लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया था। उस समय अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी और कुछ कठिन शर्तों की वजह से बात नहीं बनी थी। अब पाकिस्तान एक बार फिर दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू कराने की कोशिश कर रहा है। व्हाइट हाउस को उम्मीद है कि इस बार की बातचीत से किसी ठोस डील की तरफ कदम बढ़ेंगे।</p>\n","content_text":"ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने पाकिस्तान, ओमान और रूस के दौरे की शुरुआत कर दी है। वह शुक्रवार 24 अप्रैल को इस्लामाबाद पहुंचे, जहां उनका मकसद क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर चल रहे विवादों को सुलझाना और आपसी तालमेल बढ़ाना है। इस दौरे के बीच अमेरिका के साथ भी बातचीत की चर्चा है, लेकिन ईरान ने साफ कर दिया है कि वह सीधे तौर पर अमेरिकी अधिकारियों से नहीं मिलेगा। 👉: Iran-US Meeting Update: इस्लामाबाद में अमेरिका से मुलाकात की खबर को ईरान ने नकारा, पाकिस्तान करेगा बीच-बचाव। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कैसे होगी? व्हाइट हाउस ने बताया कि अमेरिकी दूत Steve Witkoff और Jared Kushner शनिवार 25 अप्रैल को इस्लामाबाद पहुंचेंगे। पाकिस्तान यहाँ एक बीच के रास्ते या पुल की तरह काम करेगा और दोनों देशों के बीच संदेश पहुंचाएगा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmael Baqaei ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच कोई सीधी मीटिंग नहीं होगी। ईरान अपने शांति प्रस्ताव का एक लिखित जवाब भी साथ लेकर आया है जिसे पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुँचाया जाएगा। अरगची के दौरे का मकसद और अन्य देशों का दौरा Abbas Araghchi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि उनके लिए पड़ोसी देश सबसे ज्यादा जरूरी हैं। पाकिस्तान के बाद वह ओमान और फिर रूस का दौरा करेंगे। इस पूरे मिशन का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे तनाव को कम करना और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बात करना है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar और आर्मी चीफ Field Marshal Asim Munir भी इन चर्चाओं में शामिल रहेंगे। पिछली बातचीत और वर्तमान स्थिति इससे पहले 11 और 12 अप्रैल को भी इस्लामाबाद में बातचीत हुई थी, लेकिन कोई समझौता नहीं हो 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मिले","image":"https://cdn.gulfhindi.com/wp-content/uploads/2026/04/gulfhindi_iran-foreign-minister-abbas-araghchi-visit-pakistan-oman-russia-us-talks.webp","date_published":"2026-04-25T06:01:29+00:00","date_modified":"2026-04-25T06:01:29+00:00","author":{"name":"Aanya"},"tags":[]},{"id":"https://gulfhindi.com/iran-us-meeting-denial-islamabad-pakistan-mediation/","content_html":"<p>ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने की कोशिशें एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में इस्लामाबाद में दोनों देशों की सीधी मुलाकात की खबरें आई थीं, लेकिन ईरान ने साफ तौर पर इनका खंडन किया है। इस बीच अमेरिका ने अपने खास दूतों को पाकिस्तान भेजा है ताकि बातचीत के रास्ते खुले रह सकें और क्षेत्रीय शांति बनी रहे।</p>\n<h2>ईरान ने अमेरिका के साथ मीटिंग से क्यों किया इनकार?</h2>\n<p>ईरान के विदेश मंत्रालय और प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने स्पष्ट किया है कि इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ उनकी कोई सीधी मुलाकात तय नहीं है। ईरान ने व्हाइट हाउस के उन दावों को पूरी तरह गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि ईरान ने खुद बातचीत की मांग की 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बीच अमेरिका ने अपने खास दूतों को पाकिस्तान भेजा है ताकि बातचीत के रास्ते खुले रह सकें और क्षेत्रीय शांति बनी रहे।","image":"https://cdn.gulfhindi.com/wp-content/uploads/2026/04/gulfhindi_iran-us-meeting-denial-islamabad-pakistan-mediation.webp","date_published":"2026-04-25T05:59:20+00:00","date_modified":"2026-04-25T05:59:20+00:00","author":{"name":"Nura Basta"},"tags":[]},{"id":"https://gulfhindi.com/gulf-oil-production-recovery-goldman-sachs-hormuz-strait/","content_html":"<p>Strait of Hormuz के बंद होने से पूरी दुनिया में तेल की किल्लत और तनाव बढ़ गया है। अब Goldman Sachs की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर यह रास्ता दोबारा खुलता है, तो खाड़ी देशों का तेल उत्पादन कुछ ही महीनों में वापस पटरी पर आ सकता है। हालांकि, पूरी तरह से पुरानी स्थिति में लौटने के लिए थोड़ा ज़्यादा समय लग सकता है और तनाव रहने पर जोखिम भी बढ़ेगा।</p>\n<p>🚨: <a href=\"https://gulfhindi.com/us-freezes-iran-related-cryptocurrency-assets\">US ने ईरान पर कसा शिकंजा, 344 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी फ्रीज की, अब पैसे भेजने में होगी मुश्किल</a>।</p>\n<h2>तेल उत्पादन में कितनी कमी आई और रिकवरी का समय क्या है?</h2>\n<p>Goldman Sachs की रिसर्च के मुताबिक, अप्रैल के महीने में खाड़ी देशों का करीब 14.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन (bpd) तेल उत्पादन बंद था। यह कुल सप्लाई का लगभग 57% हिस्सा था। अच्छी बात यह है कि तेल के कुओं को कोई भौतिक नुकसान नहीं पहुँचा है, बल्कि यह बंद केवल सुरक्षा और स्टॉक मैनेजमेंट की वजह से हुआ है। ऐसे में रास्ता खुलते ही उत्पादन तेज़ी से बढ़ाया जा सकता है।</p>\n<table>\n<tr>\n<th>विवरण</th>\n<th>आंकड़ा/प्रभाव</th>\n</tr>\n<tr>\n<td>अप्रैल में बंद उत्पादन</td>\n<td>14.5 मिलियन bpd</td>\n</tr>\n<tr>\n<td>कुल सप्लाई में कमी</td>\n<td>57%</td>\n</tr>\n<tr>\n<td>3 महीने में संभावित रिकवरी</td>\n<td>70%</td>\n</tr>\n<tr>\n<td>6 महीने में संभावित रिकवरी</td>\n<td>88%</td>\n</tr>\n<tr>\n<td>टैंकर क्षमता में कमी</td>\n<td>130 मिलियन बैरल</td>\n</tr>\n<tr>\n<td>टैंकर क्षमता प्रतिशत गिरावट</td>\n<td>50%</td>\n</tr>\n</table>\n<h2>किन देशों को फायदा होगा और क्या हैं मुख्य रुकावटें?</h2>\n<p>सऊदी अरब और UAE के पास अतिरिक्त क्षमता है, इसलिए ये देश बहुत जल्दी तेल उत्पादन को बढ़ा पाएंगे। लेकिन ईरान और इराक के लिए यह काम मुश्किल होगा क्योंकि वहां बुनियादी ढांचे की दिक्कतें और प्रतिबंधों का असर है। इसके अलावा, तेल ले जाने वाले खाली टैंकरों की संख्या 50% तक कम हो गई है, जिससे एक्सपोर्ट फिर से शुरू करने की रफ़्तार धीमी हो सकती है। अगर कुओं को लंबे समय तक बंद रखा गया, तो उनके बहाव की दर कम हो सकती है जिससे मरम्मत का काम करना पड़ेगा।</p>\n<h2>तनाव कम करने के लिए अमेरिका ने क्या कदम उठाए?</h2>\n<p>क्षेत्र में चल रहे विवाद और तेल सप्लाई पर असर को देखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के ज़रिए ईरान के विदेश मंत्री से बात करने के लिए दूत भेजे हैं। साथ ही, अमेरिका ने तेल और गैस की शिपमेंट को आसान बनाने के लिए Jones Act की छूट को 90 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। जानकारों का कहना है कि Strait of Hormuz जितनी देर बंद रहेगा, तेल उत्पादन को वापस लाने में उतनी ही ज़्यादा देरी होगी।</p>\n","content_text":"Strait of Hormuz के बंद होने से पूरी दुनिया में तेल की किल्लत और तनाव बढ़ गया है। अब Goldman Sachs की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर यह रास्ता दोबारा खुलता है, तो खाड़ी देशों का तेल उत्पादन कुछ ही महीनों में वापस पटरी पर आ सकता है। हालांकि, पूरी तरह से पुरानी स्थिति में लौटने के लिए थोड़ा ज़्यादा समय लग सकता है और तनाव रहने पर जोखिम भी बढ़ेगा। 🚨: US ने ईरान पर कसा शिकंजा, 344 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी फ्रीज की, अब पैसे भेजने में होगी मुश्किल। तेल उत्पादन में कितनी कमी आई और रिकवरी का समय क्या है? Goldman Sachs की रिसर्च के मुताबिक, अप्रैल के महीने में खाड़ी देशों का करीब 14.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन (bpd) तेल उत्पादन बंद था। यह कुल सप्लाई का लगभग 57% हिस्सा था। अच्छी बात यह है कि तेल के कुओं को कोई भौतिक नुकसान नहीं पहुँचा है, बल्कि यह बंद केवल सुरक्षा और स्टॉक मैनेजमेंट की वजह से हुआ है। ऐसे में रास्ता खुलते ही उत्पादन तेज़ी से बढ़ाया जा सकता है। विवरण आंकड़ा/प्रभाव अप्रैल में बंद उत्पादन 14.5 मिलियन bpd कुल सप्लाई में कमी 57% 3 महीने में संभावित रिकवरी 70% 6 महीने में संभावित रिकवरी 88% टैंकर क्षमता में कमी 130 मिलियन बैरल टैंकर क्षमता प्रतिशत गिरावट 50% किन देशों को फायदा होगा और क्या हैं मुख्य रुकावटें? सऊदी अरब और UAE के पास अतिरिक्त क्षमता है, इसलिए ये देश बहुत जल्दी तेल उत्पादन को बढ़ा पाएंगे। लेकिन ईरान और इराक के लिए यह काम मुश्किल होगा क्योंकि वहां बुनियादी ढांचे की दिक्कतें और प्रतिबंधों का असर है। इसके अलावा, तेल ले जाने वाले खाली टैंकरों की संख्या 50% तक कम हो गई है, जिससे एक्सपोर्ट फिर से शुरू करने की रफ़्तार धीमी हो सकती है। अगर कुओं को लंबे समय तक बंद रखा गया, तो उनके बहाव की दर कम हो सकती है जिससे मरम्मत का काम करना पड़ेगा। तनाव कम करने के लिए अमेरिका ने क्या कदम उठाए? क्षेत्र में चल रहे विवाद और तेल सप्लाई पर असर को देखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के ज़रिए ईरान के विदेश मंत्री से बात करने के लिए दूत भेजे हैं। साथ ही, अमेरिका ने तेल और गैस की शिपमेंट को आसान बनाने के लिए Jones Act की छूट को 90 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। जानकारों का कहना है कि Strait of Hormuz जितनी देर बंद रहेगा, तेल उत्पादन को वापस लाने में उतनी ही ज़्यादा देरी होगी।","url":"https://gulfhindi.com/gulf-oil-production-recovery-goldman-sachs-hormuz-strait/","title":"Hormuz Strait खुलने पर लौटेगी Gulf की तेल सप्लाई, Goldman Sachs ने बताया कब तक ठीक होगा तेल उत्पादन","summary":"Strait of Hormuz के बंद होने से पूरी दुनिया में तेल की किल्लत और तनाव बढ़ गया है। अब Goldman Sachs की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर यह रास्ता दोबारा खुलता है, तो खाड़ी देशों का तेल उत्पादन कुछ ही महीनों में वापस पटरी पर आ सकता है। हालांकि, पूरी तरह से पुरानी स्थिति में लौटने के लिए थोड़ा ज़्यादा समय लग सकता है और तनाव रहने पर जोखिम भी बढ़ेगा।","image":"https://cdn.gulfhindi.com/wp-content/uploads/2026/04/gulfhindi_gulf-oil-production-recovery-goldman-sachs-hormuz-strait.webp","date_published":"2026-04-25T05:54:18+00:00","date_modified":"2026-04-25T05:54:18+00:00","author":{"name":"Aanya"},"tags":[]}]}