संयुक्त अरब अमीरात के साइबर एक्सपर्ट्स ने फुटबॉल फैंस के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है। साल 2026 में होने वाले फीफा वर्ल्ड कप के टिकटों की बिक्री को लेकर स्कैमर्स काफी एक्टिव हो गए हैं और फैंस को ठगने के लिए सैकड़ों नकली वेबसाइट्स बना ली हैं। अगर आप भी मैच देखने जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो टिकट खरीदने से पहले यह खबर जरूर पढ़ लें ताकि आपकी मेहनत की कमाई डूबने से बच सके।

स्कैमर्स कैसे कर रहे हैं टिकट के नाम पर धोखाधड़ी?

साइबर सुरक्षा फर्म Group-IB ने खुलासा किया है कि अगस्त 2025 से अब तक फीफा के नाम पर 4,300 से ज्यादा फर्जी वेबसाइट्स बनाई जा चुकी हैं। इनमें से 300 से ज्यादा वेबसाइट्स को एक ही ग्रुप चला रहा है जिसे Ghost Stadium कहा जा रहा है। ये लोग असली वेबसाइट की हूबहू नकल तैयार करते हैं ताकि लोग धोखा खा जाएं।

इसके अलावा अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने भी ऐसी 36 फर्जी वेबसाइट्स की पहचान की है। स्कैमर्स सोशल मीडिया पर लुभावने विज्ञापन देकर और कम कीमत का लालच देकर लोगों को अपनी नकली वेबसाइट पर बुलाते हैं और फिर उनके बैंक अकाउंट की जानकारी चुरा लेते हैं।

धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने के लिए एक्सपर्ट्स की सलाह

साइबर एक्सपर्ट्स और जांच एजेंसियों ने फैंस को सुरक्षित रहने के लिए कुछ जरूरी नियम बताए हैं जिनका पालन करना बेहद जरूरी है।

  • केवल आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल करें: टिकट हमेशा फीफा की आधिकारिक वेबसाइट fifa.com से ही खरीदें। ब्राउज़र में खुद इस एड्रेस को टाइप करें।
  • सोशल मीडिया लिंक से बचें: फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया पर दिखने वाले किसी भी टिकट बिक्री के विज्ञापन पर क्लिक न करें।
  • फिजिकल टिकट नहीं मिलेंगे: इस बार फीफा वर्ल्ड कप के लिए कोई भी कागजी या फिजिकल टिकट नहीं दिया जाएगा। सभी टिकट केवल डिजिटल फॉर्मेट में ही होंगे।
  • सस्ते ऑफर्स से बचें: अगर कोई डील जरूरत से ज्यादा सस्ती या अच्छी लग रही है, तो समझ जाएं कि वह फर्जी हो सकती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के टिकट कहां से खरीदें?

फीफा वर्ल्ड कप के टिकट केवल आधिकारिक वेबसाइट fifa.com से ही खरीदे जाने चाहिए। किसी भी अन्य थर्ड-पार्टी वेबसाइट से टिकट न खरीदें।

क्या इस बार मैच के लिए फिजिकल टिकट मिलेंगे?

नहीं, इस बार इवेंट के लिए कोई भी फिजिकल या कागजी टिकट जारी नहीं किया जाएगा। सभी टिकट केवल डिजिटल फॉर्मेट में ही मिलेंगे।

नकली वेबसाइटों की पहचान कैसे करें?

नकली वेबसाइटों के वेब एड्रेस में मामूली स्पेलिंग मिस्टेक होती है। हमेशा एड्रेस बार को ध्यान से देखें और सोशल मीडिया के लिंक पर भरोसा न करें।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com