खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासियों के लिए फिलीपींस सरकार ने बड़ा अपडेट जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार करीब 5,601 फिलीपीनी नाविक अभी भी खाड़ी के अलग-अलग देशों में फंसे हुए हैं। फिलीपींस के प्रवासी श्रमिक विभाग (DMW) ने इन लोगों को सुरक्षित निकालने और उनकी देखभाल के लिए अभियान तेज कर दिया है। अब तक हजारों की संख्या में लोग अपने वतन लौट चुके हैं और बाकी लोगों के लिए सरकारी स्तर पर बातचीत जारी है।

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फंसे हुए नागरिकों को सरकार से क्या मदद मिल रही है?

फिलीपींस का प्रवासी श्रमिक विभाग (DMW) खाड़ी देशों में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कई तरह के कार्यक्रम चला रहा है। इसमें रहने-खाने से लेकर कानूनी मदद तक शामिल है।

  • फंसे हुए लोगों को अस्थाई तौर पर रहने के लिए शेल्टर और भोजन दिया जा रहा है।
  • बीमार लोगों के लिए मेडिकल सहायता और काउंसलिंग का इंतजाम किया गया है।
  • आर्थिक तंगी से जूझ रहे श्रमिकों को वित्तीय सहायता और ट्रांसपोर्ट की सुविधा दी जा रही है।
  • प्रवासियों को वापस लाने के लिए विदेश मंत्रालय और संबंधित खाड़ी देशों की सरकारों के साथ तालमेल बिठाया जा रहा है।

अब तक कितने लोग सुरक्षित घर लौट चुके हैं?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 6 अप्रैल 2026 तक कुल 4,611 प्रवासी और उनके परिवार के सदस्य सुरक्षित रूप से अपने देश वापस पहुंच गए हैं। हालांकि, खाड़ी देशों के समुद्री इलाकों में काम करने वाले 5,601 नाविक अभी भी वहीं रुके हुए हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि इन सभी को वापस लाने के लिए ‘रीइंटिग्रेशन’ प्रोग्राम के तहत काम किया जा रहा है ताकि लौटने के बाद इन्हें दोबारा काम मिलने में आसानी हो सके। खाड़ी देशों में रहने वाले अन्य देशों के प्रवासियों के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सरकारी सहायता और सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया को स्पष्ट करती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.