राज्य सभा में वित्त मंत्रालय की ओर से घोषणा, एक तिहाई संपत्ति बैंकों को वापस कर दी गई है

राज्यसभा, दिल्ली: वित्त मंत्रालय ने बड़ी खुशखबरी सुनाई है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 19 लोगों के खिलाफ 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में 15,113.02 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। इसमें से 873.75 करोड़ रुपये की संपत्ति भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) के तहत जब्त की गई है। इस जब्त संपत्ति का एक तिहाई हिस्सा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को वापस कर दिया गया है।

यह खबर बैंकों के लिए एक बड़ी राहत है जिनके पैसे आर्थिक अपराधियों द्वारा ठगे गए थे।

संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई के पीछे का उद्देश्य

वित्त मंत्रालय द्वारा इस कदम का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई करना है जिन्होंने बैंकों और अन्य आर्थिक संस्थाओं को ठगा है। यह न केवल ऐसे अपराधियों के प्रति सख्त मेसेज भेजेगा, बल्कि यह भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने में मदद करेगा।

महत्वपूर्ण सूचना सारणी

घटना विवरण
संपत्ति जब्त प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 19 आर्थिक अपराधियों पर 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में 15,113.02 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की।
बैंकों को वापसी जब्त की गई संपत्ति का एक तिहाई हिस्सा, यानी करीब 5,037.67 करोड़ रुपये, सार्वजन

इनके वापसी से होंगे बैंकों को बड़े फायदे

इन धोखाधड़ी मामलों में जब्त संपत्ति की वापसी से बैंकों को अगले कुछ समय में बड़ी राहत मिलेगी. यह धनराशि बैंकों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाएगी और उन्हें बैंकिंग गतिविधियों में बड़ी सहायता प्रदान करेगी. इसके साथ ही आर्थिक महसूसकर्म की सार्वजनिक स्थिति पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

यह सरकारी कदम आर्थिक अपराधियों पर सख्ती से कार्रवाई करने का संकेत देता है और इससे अन्य आर्थिक अपराधियों को भी चेतावनी मिलती है.

महत्वपूर्ण जानकारी संग्रह

आर्थिक अपराधी जब्त संपत्ति (रुपये में करोड़)
विजय माल्या 15000
नीरव मोदी डेटा अभी तक उपलब्ध नहीं
नितिन संदेसरा डेटा अभी तक उपलब्ध नहीं
चेतन संदेसरा डेटा अभी तक उपलब्ध नहीं
मेहुल चोकसी डेटा अभी तक उपलब्ध नहीं
विलफुल डिफॉल्टर बकाया (रुपये में करोड़)
गीतांजलि जेम्स 8,738
शीर्ष 50 विलफुल डिफॉल्टर 87,295