फर्स्टक्राई के संस्थापक पर 50 मिलियन डॉलर की टैक्स चोरी का आरोप

भारतीय यूनिकॉर्न स्टार्टअप फर्स्टक्राई के संस्थापक सुपम माहेश्वरी पर भारी टैक्स चोरी का आरोप लगा है। आयकर विभाग का कहना है कि माहेश्वरी ने पांच करोड़ डॉलर का टैक्स चुकाने से बचाया।

विभाग का नोटिस जारी

समाचार वेबसाइट ब्लूमबर्ग की जानकारी के अनुसार आयकर विभाग ने सुपम माहेश्वरी को नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से पूछा गया है कि उन्होंने ऐसी राशि का टैक्स क्यों नहीं चुकाया।

निवेशकों पर भी नजर

जानकारी के अनुसार निजी इक्विटी फर्म क्रिसकैपिटल मैनेजमेंट और सुनील मित्तल के पारिवारिक कार्यालय सहित कम से कम छह अन्य निवेशकों पर भी जांच हो रही है।

माहेश्वरी का पक्ष

सुपम माहेश्वरी टैक्स विभाग के अधिकारियों से संपर्क में हैं और उनसे बातचीत जारी है। हालांकि, अभी तक उन्होंने इस मामले में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

कंपनी की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं

फर्स्टक्राई कंपनी ने फाइनेंशियल ईयल 2021 में पहली बार मुनाफे में बदलाव देखा। कंपनी आईपीओ लाने की तैयारी में थी, लेकिन टैक्स चोरी के आरोपों के चलते उसकी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।

महत्वपूर्ण जानकारी:

  • संस्थापक: सुपम माहेश्वरी
  • कंपनी: फर्स्टक्राई
  • आरोप: 50 मिलियन डॉलर (करीब 413 करोड़ रुपये) की टैक्स चोरी
  • नोटिस: आयकर विभाग द्वारा जारी
  • अन्य प्रतिभागी: क्रिसकैपिटल, सुनील मित्तल के पारिवारिक कार्यालय और अन्य निवेशक
  • वित्तीय वर्ष: 31 मार्च, 2021 में कंपनी मुनाफे में

निष्कर्ष: जांच जारी है और आगामी समय में मामले में और जानकारी सामने आ सकती है। लेकिन यह मामला भारतीय स्टार्टअप जगत के लिए एक बड़ी चिंता का कारण बन गया है।