भारत के नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने विमान ईंधन यानी ATF की कीमतों को लेकर बड़ी जानकारी दी है। मंत्री के अनुसार, पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव की वजह से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका असर 1 अप्रैल से साफ तौर पर दिखाई दे सकता है। सरकार इस समय पूरी कोशिश कर रही है कि बढ़ती कीमतों का सीधा बोझ आम यात्रियों पर न पड़े।

हवाई किराए और यात्रियों पर क्या होगा असर?

नागरिक उड्डयन मंत्री ने स्पष्ट किया है कि विमान ईंधन की कीमतें हर महीने की पहली तारीख को बदली जाती हैं। इसी वजह से अप्रैल की शुरुआत से नया असर दिखने की उम्मीद है। सरकार इस मामले में लगातार एयरलाइंस कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है। मकसद यह है कि ऑपरेशन में कोई दिक्कत न आए और यात्रियों के लिए सफर सुरक्षित बना रहे। पश्चिम एशिया के कुछ हवाई अड्डों के बंद होने से विमानों को लंबे रूट लेने पड़ रहे हैं, जिससे तेल की खपत और खर्च दोनों बढ़ गए हैं।

एयरलाइंस द्वारा उठाए गए कदम और सरकारी तैयारी

भारत की कई बड़ी एयरलाइंस ने बढ़ती लागत को देखते हुए पहले ही फ्यूल सरचार्ज लगाना शुरू कर दिया है। सरकार इसे एक मल्टी-डिपार्टमेंटल एक्सरसाइज के तौर पर देख रही है, जिसमें पेट्रोलियम मंत्रालय और विदेश मंत्रालय भी शामिल हैं।

एयरलाइन का नाम उठाए गए कदम / तारीख
Air India 12 और 18 मार्च से चरणबद्ध तरीके से सरचार्ज बढ़ाया
Akasa Air 15 मार्च से बुकिंग पर सरचार्ज लागू किया
IndiGo फ्यूल सरचार्ज की शुरुआत की गई

इन बातों का रखा जा रहा है खास ध्यान

  • सप्लाई की स्थिति: पेट्रोलियम मंत्रालय ने भरोसा दिया है कि देश में गैस और ईंधन की पर्याप्त सप्लाई मौजूद है।
  • रूट में बदलाव: खाड़ी देशों की तरफ जाने वाली फ्लाइट्स के लिए सुरक्षा और बढ़ते खर्च पर नजर रखी जा रही है।
  • मंत्रालयों की बैठक: नागरिक उड्डयन मंत्रालय और तेल कंपनियां मिलकर तेल की कीमतों में अचानक उछाल को रोकने के रास्ते तलाश रहे हैं।
  • यात्री सुरक्षा: सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच हवाई यात्रा सुरक्षित और सुचारू रहे।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.