अमेरिका और इस्राइल के साथ ईरान के युद्ध का सीधा असर अब हवाई सफर पर पड़ने लगा है। IRNA न्यूज़ एजेंसी और Deutsche Bank की रिपोर्ट के अनुसार, विमान ईंधन (Jet Fuel) की कीमतों में 58.4 प्रतिशत का भारी उछाल आया है। इस कारण अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों के टिकट तेजी से महंगे हो रहे हैं, जिसका सीधा असर गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और नियमित यात्रियों की जेब पर पड़ेगा।

एयरलाइंस कंपनियों ने बढ़ाया किराया और फ्यूल चार्ज

विमान ईंधन के 85-90 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 157.41 डॉलर तक पहुंचने के कारण एयरलाइंस ने टिकटों पर सरचार्ज लगाना शुरू कर दिया है। 14 मार्च 2026 से कई कंपनियों ने नए नियम लागू कर दिए हैं।

  • IndiGo: 14 मार्च से सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूटों पर 425 रुपये से लेकर 2,300 रुपये तक का अनिवार्य फ्यूल चार्ज लगाया गया है।
  • Air India: 12 मार्च से फ्यूल सरचार्ज लागू है और 18 मार्च के बाद यूरोप और उत्तरी अमेरिका के टिकटों पर इसे और बढ़ाया जाएगा।
  • Air France-KLM: लंबी दूरी की इकोनॉमी टिकटों पर 50 यूरो (लगभग 57 डॉलर) का सरचार्ज जोड़ा गया है।
  • Cathay Pacific: हांगकांग एयरलाइंस के साथ मिलकर फ्यूल सरचार्ज में 35.2 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है।

मिडिल ईस्ट में उड़ानें रद्द और एयरलाइंस पर मंडराता खतरा

युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस संकट के चलते अब तक मिडिल ईस्ट से जुड़ी 40,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) ने बताया कि अब एयरलाइंस के कुल खर्च का 40 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ ईंधन पर जा रहा है, जो पहले 20-25 प्रतिशत होता था।

Deutsche Bank के विश्लेषक माइकल लिनेनबर्ग ने इसे एविएशन इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। उनका कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो एयरलाइंस को अपने हजारों विमानों को जमीन पर खड़ा करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। बाजार को स्थिर करने के लिए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने 12 मार्च को 40 करोड़ बैरल कच्चा तेल जारी किया था, लेकिन बाजार में अभी भी अस्थिरता बनी हुई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.