कतर के पूर्व प्रधानमंत्री Hamad bin Jassim bin Jaber Al Thani ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस जंग से क्षेत्र में किसी का भी भला नहीं हुआ। उनका मानना है कि वाशिंगटन ने इस युद्ध के जरिए अपने ही सहयोगियों को नुकसान पहुँचाया है। यह जानकारी IRNA News Agency ने साझा की है।

ईरान जंग का असर और अमेरिका का नुकसान

इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी, जिसमें अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ईरान और उसके साथियों के खिलाफ मोर्चा खोला। रिपोर्ट के मुताबिक इस जंग की वजह से अमेरिका को अब तक करीब 29 अरब डॉलर का वित्तीय नुकसान हो चुका है। International Energy Agency ने भी चेतावनी दी है कि इस युद्ध की वजह से दुनिया भर में तेल की सप्लाई काफी कम हो सकती है।

शांति प्रस्ताव और ईरान की शर्तें

ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका को कुछ प्रस्ताव भेजे थे, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने उन्हें पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया। ईरान की मुख्य मांगों में ये बातें शामिल थीं:

  • युद्ध का हर्जाना: युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई की मांग।
  • Strait of Hormuz: इस जलमार्ग पर ईरान की पूरी संप्रभुता।
  • प्रतिबंध: ईरान पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटाना।
  • संपत्तियां: जब्त की गई ईरानी संपत्तियों को वापस करना।

कतर के पूर्व प्रधानमंत्री ने पहले ही चेतावनी दी थी कि Strait of Hormuz का संकट इस युद्ध का एक खतरनाक नतीजा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इसराइल की यह कार्रवाई Middle East के नक्शे को बदलने के एक लंबे एजेंडे का हिस्सा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान जंग की शुरुआत कब हुई और इसका क्या असर हुआ?

यह जंग 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई थी। इससे अमेरिका को करीब 29 अरब डॉलर का वित्तीय नुकसान हुआ है और वैश्विक तेल सप्लाई पर भी बुरा असर पड़ा है।

ईरान ने युद्ध रोकने के लिए क्या शर्तें रखी थीं?

ईरान ने युद्ध के हर्जाने, Strait of Hormuz पर अपनी संप्रभुता, प्रतिबंधों की समाप्ति और अपनी जब्त संपत्तियों की वापसी की मांग की थी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com