पाकिस्तान, सऊदी अरब, मिस्र और तुर्किये के विदेश मंत्रियों ने इस्लामाबाद में एक बेहद जरूरी बैठक की है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे तनाव को कम करना और अमेरिका, इजरायल व ईरान के बीच संभावित युद्ध की स्थिति को रोकना है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में चारों देशों ने कूटनीतिक प्रयासों को तेज करने पर सहमति जताई है। इस पहल को चीन का भी समर्थन हासिल है।

बैठक में क्या अहम फैसले लिए गए और ईरान का क्या रुख है?

इस्लामाबाद में हुई इस चर्चा के दौरान शांति की दिशा में कुछ सकारात्मक कदम देखने को मिले हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने जानकारी दी कि ईरान अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से पाकिस्तान के 20 अतिरिक्त जहाजों को गुजरने की अनुमति देने पर राजी हो गया है। इसे क्षेत्र में व्यापारिक स्थिरता के लिए एक अच्छा संकेत माना जा रहा है। हालांकि, ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कलीबाफ ने इन वार्ताओं को लेकर चेतावनी दी है और कहा है कि अमेरिका शांति के नाम पर हमले की योजना बना रहा है।

शांति प्रयासों और मौजूदा स्थिति की मुख्य जानकारियां

मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य अमेरिका और ईरान के बीच सीधे संवाद का रास्ता तैयार करना है। वहीं तुर्किये ने तनाव कम करने के लिए एक विशेष सिस्टम बनाने की बात कही है। दूसरी तरफ, जमीनी हालात अब भी संवेदनशील बने हुए हैं।

प्रमुख देश/समूह वर्तमान स्थिति और भूमिका
पाकिस्तान शांति वार्ता की मेजबानी और मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है।
सऊदी अरब और मिस्र क्षेत्रीय सुरक्षा और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत पर जोर दे रहे हैं।
इजरायल तेहरान में हथियारों के उत्पादन वाले ठिकानों पर बमबारी की सूचना दी।
हूती विद्रोही इजरायल पर मिसाइल हमला करने का दावा किया, जिसे रोक दिया गया।
अमेरिका शांति प्रस्ताव दिया जिसे ईरान ने फिलहाल एकतरफा बताकर ठुकरा दिया है।

प्रवासियों और खाड़ी देशों पर इसका क्या असर होगा?

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह कूटनीतिक हलचल काफी महत्वपूर्ण है। अगर इन चार देशों की कोशिशों से तनाव कम होता है, तो समुद्री रास्तों से होने वाली आवाजाही सुरक्षित रहेगी और तेल की कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी। कुवैत जैसे देशों ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान के कड़े रुख की निंदा की है और शांति की अपील की है। फिलहाल दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम और अमेरिका के साथ होने वाली अनौपचारिक बातचीत पर टिकी हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com