France का बड़ा बयान, हिजबुल्लाह को छोड़ने होंगे हथियार, लेबनान सरकार के पास सौंपने का आदेश

France के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने लेबनान में शांति के लिए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हिजबुल्लाह को अपने सभी हथियार लेबनान सरकार को सौंप देने चाहिए। उनका मानना है कि लेबनान एक मजबूत और स्वतंत्र देश बने, जहाँ केवल सरकारी सेना के पास ही हथियारों का अधिकार हो।

📰: Kuwait Airport Update: कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के खुलने की कोई तय तारीख नहीं, ड्रोन हमले से हुए नुकसान की हो रही मरम्मत

फ्रांस और अन्य देशों ने क्या मांग की है?

16 अप्रैल 2026 को फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने फिर से दोहराया कि हिजबुल्लाह का निशस्त्रीकरण जरूरी है। इससे पहले 15 अप्रैल को फ्रांस, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ समेत कई देशों ने एक साझा बयान जारी किया था। इस बयान में लेबनान की सरकार द्वारा हिजबुल्लाह की सैन्य गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का स्वागत किया गया और इसे जल्द लागू करने को कहा गया।

इसराइल और अमेरिका का इस पर क्या रुख है?

इसराइल ने बेरूत की उस पहल को स्वीकार कर लिया है जिससे युद्धविराम हो सके और हथियारों को कम करने की प्रक्रिया शुरू हो। अमेरिका भी लेबनान और इसराइल के बीच सीधी बातचीत कराने में मदद कर रहा है। हालांकि, इसराइल और फ्रांस के रिश्तों में कुछ तनाव भी देखा गया है, जिसकी वजह से इसराइल ने फ्रांस से डिफेंस सामान खरीदना फिलहाल बंद कर दिया है।

तारीख मुख्य घटना/बयान
6 फरवरी 2026 फ्रांस ने कहा कि लेबनान सेना को हिजबुल्लाह को निशस्त्र करने के लिए तैयार करना होगा।
31 मार्च 2026 कई देशों ने कहा कि लेबनान की मौजूदा स्थिति के लिए हिजबुल्लाह जिम्मेदार है।
15 अप्रैल 2026 कई देशों ने लेबनान सरकार के हथियार प्रतिबंध के फैसले का समर्थन किया।
16 अप्रैल 2026 विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने हिजबुल्लाह से हथियार सौंपने की मांग दोहराई।