फ़्रांस की सेना ने अपने बड़े युद्धपोत Charles de Gaulle को Strait of Hormuz के पास तैनात कर दिया है। यह कदम समुद्र के रास्तों को सुरक्षित रखने और जहाजों की आवाजाही को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए उठाया गया है। फ़्रांसीसी सेना ने 30 जून 2026 को इस बात की आधिकारिक पुष्टि की।

यह युद्धपोत फिलहाल Southern Red Sea और Gulf of Aden के इलाके में मौजूद है। जानकारी के मुताबिक, मई 2026 में यह युद्धपोत समूह स्वेज नहर से होते हुए रेड सी और गल्फ ऑफ एडेन पहुँचा था, ताकि ज़रूरत पड़ने पर Strait of Hormuz में मोर्चा संभाला जा सके।

सऊदी क्राउन प्रिंस और राष्ट्रपति मैक्रॉन की चर्चा

इस सैन्य तैनाती के बीच 29 जून 2026 को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman और फ़्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने इलाके में शांति बनाए रखने और अमेरिका-ईरान के बीच हुए एक समझौते पर चर्चा की, जिसमें Strait of Hormuz को दोबारा खोलने की बात कही गई है।

मिशन का मुख्य उद्देश्य

फ़्रांस और ब्रिटेन मिलकर इस अंतरराष्ट्रीय मिशन की अगुवाई कर रहे हैं। फ़्रांसीसी रक्षा मंत्रालय ने साफ़ किया है कि यह पूरी तरह से एक बचाव अभियान है। इसका मकसद सिर्फ समुद्री सुरक्षा को पक्का करना है ताकि व्यापारिक जहाज़ सुरक्षित तरीके से आ-जा सकें।

  • तैयारी: यह मिशन अमेरिका के “Project Freedom” से अलग है।
  • मकसद: केवल रक्षात्मक उपाय करना और समुद्री रास्तों को सुरक्षित बनाना।
  • स्थिति: युद्धपोत Southern Red Sea और Gulf of Aden में तैनात है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.