फ्रांस ने 23 जुलाई 2026 को तेहरान स्थित अपने दूतावास के कर्मचारियों को वापस बुलाने का फैसला लिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ने के कारण उठाया गया है। फ्रांस ने इस फैसले के पीछे अपने राजनयिक कर्मचारियों के साथ हुई कथित बदसलूकी और हिरासत की घटनाओं को मुख्य वजह बताया है।

घटना की पूरी जानकारी

विवाद की शुरुआत 19 जुलाई 2026 को हुई, जब तेहरान में तैनात फ्रांस के दो दूतावास कर्मचारियों को ईरानी सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर हिरासत में ले लिया और उनसे पूछताछ की। फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने इस घटना को बेहद गंभीर और अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने 20 जुलाई को अपने ईरानी समकक्ष Abbas Araghchi से बातचीत के दौरान चेतावनी दी थी कि इस घटना के परिणाम गंभीर होंगे।

ईरान का पक्ष और आगे की स्थिति

ईरानी विदेश मंत्रालय के अधिकारी Mohammad Tanhaei ने फ्रांस के इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। ईरान का दावा है कि ये कर्मचारी सुरक्षा मामलों में जांच के दायरे में आए लोगों से मुलाकात कर रहे थे। ईरान ने इन राजनयिकों पर 1961 के वियना कन्वेंशन का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, यूनाइटेड किंगडम भी पहले इसी तरह अपने राजनयिकों को ईरान से अस्थायी रूप से वापस बुला चुका है। फिलहाल, फ्रांस सरकार का यह बड़ा कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.