फ्रांस और ओमान ने मिलकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही बिना किसी शर्त के होगी। पेरिस में हुई एक बड़ी मीटिंग के बाद दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा के लिए हाथ मिलाया है ताकि दुनिया भर का व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे।
समुद्री रास्तों से हटेंगे बारूदी सुरंग
फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने बताया कि वे अपने पार्टनर्स के साथ मिलकर Strait of Hormuz से समुद्री बारूदी सुरंगों (sea mines) को हटाएंगे। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए रास्ता बिल्कुल साफ और सुरक्षित करना है। ओमान के सुल्तान Haitham bin Tariq और राष्ट्रपति Macron की यह मुलाकात पेरिस में हुई।
ओमान ने फीस लगाने का किया विरोध
ओमान के विदेश मंत्री Badr Albusaidi ने 29 जून 2026 को साफ किया कि ओमान इस समुद्री रास्ते को सबके लिए खुला और सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जहाजों से किसी भी तरह की ट्रांजिट फीस लेने का ओमान समर्थन नहीं करता है। इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि कुछ सेवाओं के लिए पैसे लिए जा सकते हैं, लेकिन अब सरकार ने इसे खारिज कर दिया है।
तनाव और सुरक्षा की स्थिति
इस बीच इलाके में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। US-led Joint Maritime Information Center (JMIC) ने सुरक्षा खतरे के लेवल को ‘सबस्टेंशियल’ कर दिया था क्योंकि वहां बारूदी सुरंगें होने की चेतावनी दी गई थी। पिछले हफ्ते ईरान और अमेरिका के बीच हुई गोलाबारी और कुछ जहाजों पर हमलों की वजह से जहाजों की आवाजाही कम हो गई थी। ईरान का कहना है कि यह इलाका उसके और ओमान के क्षेत्रीय जल क्षेत्र में आता है, इसलिए यहां पुराने नियम नहीं चलेंगे।
अन्य समझौते और मुलाकात
सुल्तान Haitham bin Tariq की यह फ्रांस यात्रा 1989 के बाद किसी ओमान नेता की पहली आधिकारिक यात्रा थी। इस मौके पर दोनों देशों ने निवेश, विज्ञान, संस्कृति और उद्योगों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई ऐतिहासिक समझौतों पर साइन किए हैं। साथ ही, मस्कट में ओमान और ईरान की एक कमेटी ने भी मुलाकात की ताकि समुद्री रास्ते के मैनेजमेंट और उससे जुड़े खर्चों पर चर्चा की जा सके।
