फ़्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने ईरान और लेबनान के बीच चल रहे युद्धविराम को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस शांति समझौते को हर हाल में बनाए रखना ज़रूरी है। Macron का मानना है कि ईरान के साथ बातचीत के लिए किसी दबाव या नाकेबंदी के बजाय एक सही तरीके और योजना की ज़रूरत है।

लेबनान और इसराइल के बीच युद्धविराम की क्या स्थिति है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 23 अप्रैल 2026 को इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम को तीन हफ्ते के लिए आगे बढ़ा दिया था। लेकिन 24 अप्रैल को फिर से तनाव बढ़ गया जब लेबनान से इसराइल में रॉकेट दागे गए। Hezbollah ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी ली और इसके जवाब में इसराइल ने लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में सैन्य हमले किए।

ईरान की शर्तें और होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर तनाव क्यों है?

ईरान का कहना है कि जब तक लेबनान में हमले बंद नहीं होंगे, वह अमेरिका के साथ समझौते को पूरी तरह नहीं मानेगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ (Strait of Hormuz) को बंद कर सकता है। दूसरी ओर, राष्ट्रपति Trump ने आदेश दिया है कि अगर ईरान ने इस समुद्री रास्ते में माइन बिछाए, तो अमेरिकी नेवी उन नावों को मार गिराएगी।

फ़्रांस का क्या कहना है और बातचीत की क्या योजना है?

राष्ट्रपति Macron ने राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और Donald Trump से कई बार बात की है। उन्होंने कहा कि गलतफहमियों को दूर करने और लंबे समय तक शांति बनाए रखने के लिए रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करना होगा। Macron का कहना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय नीतियों पर चर्चा के लिए एक व्यवस्थित तरीका अपनाना चाहिए न कि दबाव बनाना चाहिए।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.