संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपातकालीन बैठक में फ्रांस ने इसराइल के सैन्य अभियानों और लेबनान की ज़मीन पर कब्ज़े को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। 1 जून 2026 को फ्रांस के प्रतिनिधि जेरोम बोनाफोंट (Jerome Bonnafont) ने साफ तौर पर कहा कि वे लेबनानी ज़मीन पर इसराइल के कब्ज़े को पूरी तरह खारिज करते हैं। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट के अनुरोध पर बुलाई गई इस बैठक में लेबनान के बिगड़ते हालातों और नागरिकों के विस्थापन पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है।
फ्रांस ने इसराइली सैन्य कार्रवाई को बताया बड़ी रणनीतिक भूल
फ्रांस के प्रतिनिधि जेरोम बोनाफोंट ने सुरक्षा परिषद में कहा कि इसराइली सैन्य कार्रवाई का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हज़ारों नागरिकों की मौत, घायलों की संख्या और लोगों का बड़े पैमाने पर विस्थापन इस बात का प्रमाण है कि सैन्य अभियानों की सीमा बहुत आगे निकल चुकी है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने भी लेबनान की संप्रभुता का समर्थन किया है। दूसरी तरफ, लेबनान के राजदूत अहमद अराफा ने आरोप लगाया कि इसराइल का इरादा और भी अधिक लेबनानी ज़मीन पर कब्ज़ा करने का है।
लेबनान और इसराइल सीमा से जुड़े क्या हैं मुख्य नियम?
इस सीमा पर सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित नियम लागू हैं:
- यूएन सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 1701: इसके तहत सीमा क्षेत्र (ब्लू लाइन और लिटानी नदी के बीच) से हिज़्बुल्लाह की वापसी और केवल लेबनानी सरकारी सेना की तैनाती की बात कही गई है।
- प्रस्ताव 425 और 426: इन प्रस्तावों में इसराइल से लेबनानी सीमा से अपनी सेना पूरी तरह वापस बुलाने की मांग की गई है।
- ताइफ़ समझौता: इस समझौते के तहत लेबनान के सभी गैर-सरकारी सशस्त्र बलों और मिलिशिया को समाप्त करने की बात कही गई है।
शांति समझौते और अमेरिकी मध्यस्थता की कोशिशें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि उन्होंने इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत की है और दोनों पक्ष हमले रोकने पर सहमत हुए हैं। हालांकि, इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हिज़्बुल्लाह द्वारा युद्धविराम के उल्लंघन का हवाला देकर सैन्य कार्रवाई और तेज़ करने के आदेश दिए हैं। इसराइल ने ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट कैसल (Beaufort Castle) पर भी अपना कब्ज़ा कर लिया है, जिसे वह एक बड़ी सफलता मान रहा है। वहीं ईरान ने इसराइली हमलों के विरोध में अमेरिका से अपनी बातचीत फ़िलहाल रोक दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूएन सुरक्षा परिषद में फ्रांस ने इसराइल को लेकर क्या रुख अपनाया है?
फ्रांस के प्रतिनिधि जेरोम बोनाफोंट ने स्पष्ट किया है कि फ्रांस लेबनानी ज़मीन पर इसराइल के बढ़ते कब्ज़े को पूरी तरह से खारिज करता है और इसे एक बड़ी रणनीतिक भूल मानता है।
लेबनान और इसराइल सीमा पर शांति के लिए कौन सा मुख्य यूएन प्रस्ताव लागू है?
इसके लिए यूएन सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 1701 (Resolution 1701) सबसे मुख्य नियम है, जिसके तहत हिज़्बुल्लाह की वापसी और सीमा पर केवल लेबनानी सरकारी बलों की तैनाती का प्रावधान है।
