फ्रांस सरकार ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के साथ मिलकर अपने रणनीतिक तेल भंडार से 580,000 बैरल कच्चा तेल जारी करने का फैसला लिया है। यह कदम अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की कमी को देखते हुए उठाया गया है। फ्रांस के वित्त मंत्री Roland Lescure ने इसकी पुष्टि की है और बताया कि यह उनकी कुल प्रतिबद्धता का लगभग 4 प्रतिशत हिस्सा है। इस फैसले से बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।

फ्रांस ने तेल भंडार जारी करने का फैसला क्यों लिया?

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को स्थिर रखने और सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए International Energy Agency (IEA) ने आपातकालीन कदम उठाए हैं। फ्रांस की ओर से जारी किया गया यह तेल इसी रणनीति का हिस्सा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की सप्लाई प्रभावित होने का डर बना हुआ है। इसी को देखते हुए फ्रांस ने अपनी ओर से तय की गई कुल मात्रा का 4% हिस्सा अब बाजार में उतार दिया है ताकि आम जनता और उद्योगों को तेल की कमी महसूस न हो।

तेल रिलीज और आईईए (IEA) के फैसले से जुड़े अहम तथ्य

  • फ्रांस ने कुल 580,000 बैरल तेल अपने स्टॉक से रिलीज किया है।
  • यह कार्रवाई आईईए (IEA) की आपातकालीन ड्रॉडाउन योजना के तहत की गई है।
  • वित्त मंत्री Roland Lescure ने 27 मार्च 2026 को इस फैसले की आधिकारिक जानकारी साझा की।
  • युद्ध की स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में और भी तेल भंडार से निकाला जा सकता है।
  • इसका मुख्य उद्देश्य युद्ध की वजह से तेल की कीमतों को अचानक बढ़ने से रोकना है।
  • दुनियाभर के कई अन्य देश भी आईईए के साथ मिलकर इस योजना में शामिल हो सकते हैं।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com