लेबनान की सरकार ने अपनी राजधानी बेरूत में सुरक्षा को लेकर एक कड़ा फैसला लिया है, जिसका फ़्रांस ने पूरा समर्थन किया है। फ़्रांस के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि वे बेरूत में सरकार के कंट्रोल से बाहर किसी भी हथियार को रखने पर पाबंदी लगाने के फैसले के साथ खड़े हैं। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य लेबनान की अपनी सेना को मजबूत करना और शहर में शांति व्यवस्था को फिर से बहाल करना है।

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इस नए फैसले का लेबनान पर क्या असर होगा?

लेबनान के कैबिनेट ने निर्देश दिया है कि अब बेरूत में केवल सरकारी सेना और पुलिस ही हथियार रख पाएगी। इसके अलावा किसी भी दूसरे गुट को हथियार रखने की इजाज़त नहीं होगी। फ़्रांस के प्रवक्ता Pascal Confavreux ने इस कदम को साहसी बताया है। उनका कहना है कि फ़्रांस अब यह सुनिश्चित करने में लगा है कि लेबनान को मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्धविराम समझौतों का हिस्सा बनाया जाए ताकि वहां शांति बनी रहे।

प्रमुख जानकारी और महत्वपूर्ण तारीखें

लेबनान में हथियारों पर कंट्रोल और सुरक्षा को लेकर पिछले कुछ महीनों में ये बड़े बदलाव और बयान सामने आए हैं। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:

तारीख महत्वपूर्ण घटना या बयान
10 अप्रैल 2026 फ़्रांस ने बेरूत में गैर-सरकारी हथियारों पर रोक लगाने का समर्थन किया।
9 अप्रैल 2026 लेबनान सरकार ने बेरूत में हथियारों को सिर्फ सरकारी सेना तक सीमित करने का आदेश दिया।
5 मार्च 2026 राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने लेबनान की सेना को बख्तरबंद गाड़ियां देने का ऐलान किया।
26 नवंबर 2024 इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम समझौता हुआ था।

फ़्रांस के डिप्लोमैट Jean-Yves Le Drian ने यह भी साफ किया है कि अब लेबनान को अपनी सुरक्षा और सरकारी पकड़ मजबूत करने के लिए कड़े फैसले लेने होंगे। फ़्रांस पिछले काफी समय से लेबनान की सेना को लॉजिस्टिक और ट्रेनिंग की मदद दे रहा है ताकि वहां हथियारों पर सरकार का एकाधिकार बना रहे।