Strait of Hormuz Update: फ्रांस और ब्रिटेन संभालेंगे समुद्री रास्तों की कमान, व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए किया बड़ा ऐलान
समुद्री व्यापार के लिए बेहद जरूरी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रखने के लिए फ्रांस और ब्रिटेन ने एक बड़ी पहल की है। पेरिस में हुई एक बैठक में इन दोनों देशों ने युद्ध खत्म होने के बाद एक अंतरराष्ट्रीय मिशन का नेतृत्व करने की पेशकश की है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा देना और समुद्री रास्तों को फिर से सुचारू बनाना होगा।
फ्रांस और यूके के इस मिशन में क्या होगा
यह मिशन पूरी तरह से बचाव के लिए होगा और इसमें किसी भी तरह का हमला शामिल नहीं होगा। इसका मुख्य काम व्यापारिक जहाजों की रक्षा करना, शिपिंग कंपनियों को भरोसा दिलाना और समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाना होगा। खास बात यह है कि इस पहल में अमेरिका को शामिल नहीं किया गया है। फ्रांस के प्रवक्ता ने साफ किया कि वे इस संघर्ष का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए अमेरिका के साथ गठबंधन नहीं करेंगे।
ईरान और अन्य देशों की क्या है राय
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस बात की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की है। वहीं, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि रास्तों को बिना किसी टोल या पाबंदी के खोला जाना चाहिए। उन्होंने अगले हफ्ते लंदन में एक सैन्य योजना बैठक बुलाने का भी ऐलान किया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| बैठक की तारीख | 17 अप्रैल 2026 |
| नेतृत्व करने वाले देश | फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम (UK) |
| मिशन की शर्त | शांति समझौता या स्थायी युद्धविराम के बाद |
| मिशन का स्वभाव | पूरी तरह रक्षात्मक (Defensive) |
| अमेरिका की भूमिका | इस गठबंधन का हिस्सा नहीं |
| जर्मनी की शर्त | UN सुरक्षा परिषद का आदेश और संसद की मंजूरी जरूरी |