दुनिया के व्यापार के लिए बहुत ज़रूरी समुद्र के रास्तों पर अब तनाव बढ़ गया है। France ने साफ़ कह दिया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग किसी एक देश की जागीर नहीं हैं। ईरान या किसी भी दूसरे देश को इन्हें बंद करने का कोई हक नहीं है, क्योंकि इससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ेगा।

France और अन्य बड़े देशों ने क्या कड़ा रुख अपनाया है?

  • France की चेतावनी: राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने 25 अप्रैल 2026 को Strait of Hormuz को तुरंत खोलने की मांग की। उन्होंने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए इस रास्ते का खुलना ज़रूरी है।
  • सरकारी बयान: विदेश मंत्री Jean Noel Barrot ने साफ़ किया कि अंतरराष्ट्रीय पानी में जहाजों का आना-जाना सबका साझा अधिकार है।
  • सुरक्षा मिशन: France और UK मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय मिशन तैयार कर रहे हैं ताकि समुद्र के रास्तों को सुरक्षित किया जा सके। करीब 12 देश इस मिशन में शामिल होने को तैयार हैं।
  • EU का स्टैंड: यूरोपीय संघ की अधिकारी Kaja Kallas ने कहा कि Strait of Hormuz में जहाजों की आज़ादी पर कोई बातचीत या समझौता नहीं होगा।

UN की चेतावनी और अंतरराष्ट्रीय विवाद की क्या स्थिति है?

संयुक्त राष्ट्र (UN) के चीफ Antonio Guterres ने 27 अप्रैल 2026 को चेतावनी दी कि वैश्विक जलमार्गों की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए एक बड़ी परीक्षा है। उन्होंने बताया कि इस तनाव की वजह से करीब 20 हजार नाविक समुद्र में फंसे हुए हैं।

इस मामले में Bahrain ने एक प्रस्ताव रखा था ताकि रास्ता खोला जा सके, लेकिन Russia और China ने अपने वीटो पावर का इस्तेमाल करके इसे रोक दिया। वहीं UAE और Germany ने भी इस बात पर ज़ोर दिया है कि व्यापारिक जहाजों के लिए रास्ता साफ़ और सुरक्षित रहना चाहिए।

समुद्र के रास्तों पर ताज़ा अपडेट क्या है?

Reuters की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में केवल 7 जहाजों ने Strait of Hormuz को पार किया। अमेरिकी सेना ने पिछले कुछ दिनों में 6 बड़े तेल टैंकरों को वापस ईरान भेजने पर मजबूर किया, जिनमें करीब 1 करोड़ बैरल तेल था। दूसरी तरफ, कुछ ईरानी जहाजों ने अमेरिकी पाबंदी को तोड़ते हुए करीब 40 लाख बैरल तेल बाहर भेजने में कामयाबी हासिल की है।