अगर आप सही तरीके से SIP (Systematic Investment Plan) में निवेश करते हैं, तो सिर्फ 10 साल में करोड़पति बनने का सपना सच हो सकता है। यह तभी मुमकिन है जब आप सही स्कीम चुनें और उसमें लगातार निवेश करते रहें।

Franklin Build India Fund.

AMFI (Association of Mutual Funds in India) के अनुसार, Franklin Build India Fund एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इस फंड ने पिछले 10 सालों में लगभग 22.45% का रिटर्न दिया है, जो इसे एक बहुत ही आकर्षक निवेश विकल्प बनाता है।

 

₹25,000 की मासिक SIP से बनाएं करोड़पति

अगर आप हर महीने ₹25,000 की SIP इस फंड में करते हैं, तो अगले 10 सालों में आप आसानी से ₹1.12 करोड़ से ज्यादा का फंड जमा कर सकते हैं। यह कोई जादू नहीं, बल्कि कंपाउंडिंग के चमत्कार का नतीजा है।

हर साल बढ़ाएं अपनी SIP

इस योजना का अधिकतम फायदा उठाने के लिए, आपको हर साल अपनी मासिक SIP राशि में थोड़ा-बहुत इजाफा करना चाहिए। इससे आपके रिटर्न में भी बढ़ोतरी होगी और आप जल्दी से करोड़पति बन सकते हैं।

 

निरंतरता बनाए रखना है जरूरी

SIP का असली फायदा तभी मिलेगा जब आप बिना किसी ब्रेक के नियमित रूप से निवेश करते रहेंगे। अगर आपने किसी महीने की किस्त नहीं भरी, तो आपके रिटर्न पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए, निवेश में निरंतरता बनाए रखना बेहद जरूरी है।

 

वर्ष मासिक SIP राशि (₹) सालाना निवेश (₹) कुल निवेश (₹) कुल अनुमानित रिटर्न (₹) कुल फंड वैल्यू (₹)
1 25,000 3,00,000 3,00,000 67,350 3,67,350
2 25,000 3,00,000 6,67,350 1,49,828 8,17,178
3 25,000 3,00,000 11,17,178 2,54,329 13,71,507
4 25,000 3,00,000 16,71,507 3,84,967 20,56,474
5 25,000 3,00,000 23,56,474 5,47,136 29,03,610
6 25,000 3,00,000 32,03,610 7,46,596 39,50,206
7 25,000 3,00,000 42,50,206 9,89,561 52,39,767
8 25,000 3,00,000 55,39,767 12,82,742 68,22,509
9 25,000 3,00,000 71,22,509 16,33,458 87,55,967
10 25,000 3,00,000 90,55,967 20,49,671 1,11,05,638

कैलकुलेशन का आधार:

  1. मासिक SIP राशि: हर महीने ₹25,000 का निवेश।
  2. सालाना निवेश: 12 महीनों में ₹25,000 × 12 = ₹3,00,000 का कुल सालाना निवेश।
  3. कुल निवेश: पिछले वर्षों के कुल निवेश को अगले वर्ष की SIP राशि के साथ जोड़ते हुए।
  4. कुल अनुमानित रिटर्न: 22.45% के वार्षिक कंपाउंडिंग रिटर्न के आधार पर।
  5. कुल फंड वैल्यू: कुल निवेश + अनुमानित रिटर्न।