एक फ्रांसीसी-लेबनानी कलाकार Ali Cherri ने अपने माता-पिता की मौत के बाद फ्रांस की अदालत में कानूनी शिकायत दर्ज की है। बेरुत में हुए एक इसराइली हवाई हमले में उनके माता-पिता और एक घरेलू सहायक की जान चली गई थी। अब वे इस मामले में युद्ध अपराध की जांच की मांग कर रहे हैं।

हमले की पूरी जानकारी और कानूनी कार्रवाई

यह हमला 26 नवंबर 2024 को बेरुत में हुआ था। इस हमले में Ali Cherri के माता-पिता Mahmoud Naim Cherri और Nadira Hayek के साथ-साथ Birki Negesa नाम की एक घरेलू कर्मचारी की भी मौत हो गई। Ali Cherri ने 2 अप्रैल 2026 को इंटरनेशनल फेडरेशन फॉर ह्यूमन राइट्स (FIDH) के साथ मिलकर पेरिस की वार क्राइम्स यूनिट में यह मामला दर्ज कराया। चूंकि Ali Cherri के पास फ्रांस की नागरिकता है, इसलिए वहां की अदालत को इस मामले में अधिकार मिला है।

जांच में क्या बातें सामने आईं

इस हमले को लेकर कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने अपनी रिपोर्ट दी है। Amnesty International ने पाया कि जिस इमारत पर हमला हुआ, वहां कोई सैन्य ठिकाना नहीं था और न ही वहां रहने वाले लोगों को कोई चेतावनी दी गई थी। Forensic Architecture ने अपनी जांच में बताया कि इस हमले में अमेरिका में बने GBU-39 हथियारों का इस्तेमाल किया गया था।

विवरण जानकारी
हमले की तारीख 26 नवंबर 2024
शिकायत की तारीख 2 अप्रैल 2026
मृतक सदस्य Mahmoud Naim Cherri, Nadira Hayek, Birki Negesa
इस्तेमाल हथियार GBU-39 (अमेरिका निर्मित)
जांच एजेंसियां Amnesty International, Forensic Architecture
कानूनी बॉडी French War Crimes Unit, Paris

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का क्या कहना है

UN Human Rights Office ने मार्च 2026 में कहा था कि लेबनान में रिहायशी इमारतों और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हो सकते हैं। Human Rights Watch ने भी अपनी रिपोर्ट में बताया कि घनी आबादी वाले इलाकों में ऐसे हमले युद्ध के नियमों का उल्लंघन हैं। दूसरी ओर, इसराइली सेना का कहना है कि वे केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हैं और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करते हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.