शुक्रवार, 6 मार्च 2026 को फ्रांस के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर Philippe Tabarot ने एक बड़ी जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों के समंदर और लाल सागर (Red Sea) में फ्रांस के कुल 60 जहाज फंसे हुए हैं। इस इलाके में चल रहे सैन्य तनाव के कारण इन जहाजों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रुकने के लिए कहा गया है। यह खबर दुनिया भर के व्यापार और शिपिंग कंपनियों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

ℹ️: Gulf Airfare: केरल CM ने PM मोदी को लिखा खत, फ्लाइट के महंगे टिकट पर तुरंत रोक लगाने की मांग

कहां और कितने जहाज रुके हुए हैं?

ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने मीडिया को बताया कि कुल 60 जहाज अभी बीच समंदर में रुके हुए हैं। इनमें से 52 जहाज अरब की खाड़ी (Gulf waters) में हैं और 8 जहाज रेड सी (Red Sea) के इलाके में फंसे हुए हैं।

फ्रांस की सरकार और अधिकारी इन जहाजों के क्रू मेंबर्स के साथ लगातार संपर्क में हैं। अच्छी बात यह है कि नाविक सुरक्षित हैं, लेकिन उन्हें अभी वहीं रुकने को कहा गया है जब तक रास्ता साफ नहीं हो जाता।

नेवी और कंपनियों ने क्या निर्देश दिए हैं?

फ्रांसीसी नौसेना (French Navy) ने इस क्षेत्र में मौजूद अपने सभी जहाजों को साफ निर्देश दिया है कि वे ‘सुरक्षित आश्रय’ (safe shelter) खोजें और निर्धारित स्थानों पर ही लंगर डाल कर रहें। उन्हें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजरने की कोशिश न करने की सलाह दी गई है।

  • बड़ी शिपिंग कंपनियां जैसे CMA CGM, MSC और Maersk ने इस रास्ते से अपनी आवाजाही रोक दी है।
  • CMA CGM ने खतरनाक सामानों (hazardous goods) की बुकिंग भी बंद कर दी है।
  • शिपिंग लाइनों ने इमरजेंसी फीस के तौर पर 4,000 अमेरिकी डॉलर तक का चार्ज लगाना शुरू कर दिया है।

आम आदमी और बाजार पर इसका क्या असर होगा?

इस रास्ते के बंद होने से दुनिया भर में तेल और गैस (LNG) की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका है। आंकड़ों के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाला ट्रैफिक लगभग 94% तक गिर गया है।

जानकारों का मानना है कि अगर यह रुकावट लंबी चली तो चीजों की सप्लाई में देरी हो सकती है और ऊर्जा की कीमतों में भी उछाल आ सकता है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि रास्तों को सुरक्षित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद ली जा रही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.