भारत में शराब कंपनियों पर FSSAI सख्त, गलत दावे करने और मिलावट पर जारी किए नोटिस.

भारत की खाद्य नियामक संस्था FSSAI ने शराब बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। जुलाई महीने में नियामक ने कई निर्माताओं को नोटिस भेजा है, जिसमें शराब की उम्र और उसमें मिलाए गए फ्लेवर को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप है। यह कदम Food Safety and Standards (Alcoholic Beverages) Regulations, 2018 के नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए उठाया गया है।
नियमों के उल्लंघन पर सख्ती
नियामक संस्था ने दो मुख्य बिंदुओं पर कंपनियों को घेरा है। पहला, शराब की उम्र को लेकर। नियमों के अनुसार, अगर कोई ब्रांड अपनी बोतल पर उम्र का दावा करता है, तो उसे मिश्रण की सबसे कम उम्र वाली स्पिरिट के आधार पर जानकारी देनी होगी। कई कंपनियां बिना इसकी पुष्टि किए 'एज्ड' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही थीं। दूसरा, ब्रांड में बाहरी फ्लेवर मिलाने को लेकर है। कानून के तहत ब्रांडी, जिन, रम, वोदका और व्हिस्की का स्वाद केवल कच्चे माल और बनाने की प्रक्रिया से ही आना चाहिए, लेकिन जांच में सीधे तौर पर फ्लेवर मिलाने के मामले सामने आए हैं।
कंपनियों को देना होगा स्पष्टीकरण
सभी संबंधित कंपनियों को अपने बचाव में जवाब देने के लिए कहा गया है। इसके अलावा, Confederation of Indian Alcoholic Beverage Companies (CIABC) के साथ एक बैठक भी हुई है, जिसमें उद्योग निकाय ने नियमों का पालन करने का दावा किया है। यह कार्रवाई इस बात को साफ करती है कि अब शराब को भी अन्य खाद्य उत्पादों की तरह ही कड़े सुरक्षा मानकों के दायरे में लाया जा रहा है, ताकि ग्राहकों को लेबल पर दी गई जानकारी पूरी तरह सच मिले।