यूएई के फुजैरा में अब पानी की किल्लत खत्म करने की तैयारी है। सरकार यहाँ करीब 1 अरब दिरहम की लागत से एक बहुत बड़ा डीसैलिनेशन प्लांट लगा रही है। इस प्रोजेक्ट का मकसद शहर और आसपास के इलाकों में साफ पानी की सप्लाई को मजबूत करना है, जिससे लाखों लोगों को फायदा होगा।
फुजैरा वाटर प्लांट की खास बातें और क्षमता
इस प्रोजेक्ट को ‘फुजैरा I इंडिपेंडेंट वाटर प्रोड्यूसर’ के नाम से जाना जाएगा। यह प्लांट ओमान की खाड़ी के पास फुजैरा पोर्ट के अंदर बनाया जाएगा। इस प्लांट की क्षमता हर दिन 60 मिलियन इंपीरियल गैलन (MIGD) पीने लायक पानी तैयार करने की होगी। इसमें सीवाटर रिवर्स ऑस्मोसिस (SWRO) तकनीक का इस्तेमाल होगा, जिससे कम ऊर्जा में ज्यादा पानी साफ किया जा सकेगा। साथ ही इसमें 18 घंटे के उत्पादन के बराबर पानी स्टोर करने की सुविधा भी होगी।
कितना पैसा लगेगा और कौन बना रहा है यह प्लांट
इस पूरे प्रोजेक्ट पर कुल 1.046 बिलियन दिरहम (लगभग 284.7 मिलियन डॉलर) खर्च होंगे। इसे एतिहाद वाटर एंड इलेक्ट्रिसिटी (EtihadWE), NMDC Infra और Lantania Aguas मिलकर बना रहे हैं। यह प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत तैयार किया जा रहा है। समझौते के मुताबिक, इसके निर्माण में करीब 30 महीने का समय लगेगा। एतिहादडब्ल्यूई के अधिकारियों ने बताया कि यह कदम यूएई की बढ़ती आबादी और गर्म मौसम के बीच पानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल निवेश | 1.046 बिलियन दिरहम |
| डॉलर में कीमत | 284.7 मिलियन डॉलर |
| उत्पादन क्षमता | 60 MIGD प्रति दिन |
| निर्माण समय | लगभग 30 महीने |
| इस्तेमाल होने वाली तकनीक | SWRO (रिवर्स ऑस्मोसिस) |
| समझौते की तारीख | 5 मई, 2026 |
| पार्टनरशिप मॉडल | PPP (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
फुजैरा के नए वाटर प्लांट से किसे फायदा होगा?
इस प्लांट से फुजैरा और एतिहादडब्ल्यूई के सेवा क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों, घरों, छोटे व्यवसायों और बड़े उद्योगों को साफ और भरोसेमंद पानी मिलेगा।
इस प्लांट में कौन सी तकनीक का इस्तेमाल होगा?
इस प्लांट में सीवाटर रिवर्स ऑस्मोसिस (SWRO) तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जो समुद्र के खारे पानी को कम बिजली खर्च करके पीने योग्य बनाती है।
