G7 देशों के विदेश मंत्रियों और European Union ने खाड़ी क्षेत्र के अपने सहयोगी देशों के प्रति मजबूती से समर्थन जताया है। ईरान और उसके समर्थित समूहों द्वारा किए गए हमलों के बाद यह बड़ा साझा बयान सामने आया है। इस बयान में कुवैत, सऊदी अरब और UAE जैसे देशों की सुरक्षा और दुनिया भर में होने वाली ऊर्जा सप्लाई को लेकर गहरी चिंता जताई गई है। G7 ने साफ तौर पर कहा है कि ईरान के हमले पूरी तरह गलत हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।

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G7 और EU के साझा बयान की मुख्य बातें क्या हैं?

G7 देशों और European Union ने 21 मार्च 2026 को जारी अपने बयान में ईरान की हरकतों की कड़ी आलोचना की है। इस बयान के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों की सुरक्षा को बनाए रखने पर जोर दिया गया।
  • ईरान से मांग की गई कि वह अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और अस्थिर करने वाली गतिविधियों को रोके।
  • कहा गया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • नागरिकों और ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर होने वाले हमलों को रोकने की अपील की गई।
  • दुनिया में तेल और ऊर्जा की कमी न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही गई।

खाड़ी देशों पर हमलों का क्या रहा असर?

हाल के दिनों में ईरान और उसके समर्थित गुटों ने कई खाड़ी देशों को निशाना बनाया है, जिससे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। इन घटनाओं का विवरण नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:

  • Saudi Arabia
  • प्रभावित देश ताजा अपडेट और स्थिति
    Kuwait अमीर शेख मिशाल ने हमलों को क्रूर बताया और आत्मरक्षा का अधिकार जताया।
    UAE Abu Dhabi में हुए हमलों में जान-माल का नुकसान हुआ, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा हुई।
    सऊदी के ऊर्जा केंद्रों और आम लोगों के ठिकानों पर हमले की कोशिशें की गईं।
    Jordan & Iraq G7 ने इन देशों की सुरक्षा और स्थिरता को लेकर भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

    खाड़ी देशों के पत्रकारों के संघ ने भी इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। 19 मार्च को रियाद में हुई 12 देशों की बैठक में भी ईरान को चेतावनी दी गई थी कि वह अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन के रास्तों में बाधा न डाले। इन हमलों का सीधा असर उन प्रवासियों पर भी पड़ता है जो इन देशों में रहते हैं या अक्सर यात्रा करते हैं।