G7 Meeting: सऊदी विदेश मंत्री ने फ्रांस में G7 बैठक में लिया हिस्सा, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय खतरों पर हुई चर्चा
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने फ्रांस में आयोजित G7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शिरकत की। 27 मार्च 2026 को हुई इस मीटिंग में सऊदी अरब को एक खास भागीदार के तौर पर आमंत्रित किया गया था। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते खतरों और वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से बातचीत की गई।
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G7 बैठक में किन खास मुद्दों पर हुई बातचीत?
इस उच्च स्तरीय बैठक में कई सत्र आयोजित किए गए जिसमें सऊदी विदेश मंत्री ने सक्रिय रूप से भाग लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और देशों की संप्रभुता को बनाए रखना था। बैठक में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:
- दुनिया भर में बढ़ रहे सीमा पार के खतरों पर लगाम लगाना।
- समुद्री रास्तों और बंदरगाहों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करना।
- जरूरी खनिजों की सप्लाई चेन को सुरक्षित और स्थिर बनाना।
- अंतरराष्ट्रीय अपराधों और अवैध गतिविधियों से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाना।
खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा पर G7 देशों का क्या रुख रहा?
G7 देशों के विदेश मंत्रियों ने मिडिल ईस्ट के हालातों पर अपनी राय रखी और क्षेत्र में शांति बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा सुविधाओं और नागरिक ठिकानों पर होने वाले हमलों की कड़ी निंदा की। G7 के सदस्य देशों ने साफ किया कि वे अपने खाड़ी सहयोगियों के साथ खड़े हैं। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही को फिर से बहाल करने की जरूरत पर भी बल दिया गया।
प्रिंस फैसल बिन फरहान ने इन सत्रों में शामिल होकर वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए सऊदी अरब की प्रतिबद्धता को दोहराया। इस बैठक का मकसद दुनिया के शक्तिशाली देशों और उनके सहयोगियों के बीच तालमेल बिठाना था ताकि बढ़ते क्षेत्रीय तनाव को कम किया जा सके। हालांकि कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि विभिन्न मुद्दों पर मतभेदों के कारण कोई साझा अंतिम बयान जारी नहीं हुआ, लेकिन द्विपक्षीय बातचीत और सहयोग पर सहमति बनी।




