दुनिया के सात सबसे ताकतवर देशों के समूह G7 ने साफ कर दिया है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाने दिए जाएंगे। फ्रांस के एवियन में हुई मीटिंग में सभी सदस्य देशों ने इस बात पर अपनी सहमति जताई। यह फैसला अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक नए समझौते के बाद आया है जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद है।

📰: Oman में महिलाओं के लिए बड़ा फैसला, Majlis Ash’shura में मिलेंगी 11 सीटें, सुल्तान ने जारी किया आदेश

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस नए समझौते की कमान संभाली है। उन्होंने कहा कि ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस बात को मान लिया है कि वह परमाणु हथियार नहीं रखेगा। इस डील को लेकर एक समझौता ज्ञापन (MoU) तैयार किया गया है जिस पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में साइन होंगे। इसके बाद ही इस समझौते की सभी बारीक शर्तें सबके सामने आएंगी।

इस समझौते का असर जमीन पर भी दिखने लगा है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने सोमवार रात से सभी मोर्चों पर युद्ध और सैन्य अभियानों को खत्म करने का ऐलान कर दिया है। इसमें लेबनान में चल रही गतिविधियां भी शामिल हैं। साथ ही शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की तैयारी है और अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाने का आदेश दे दिया है।

G7 समिट के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख अपनाया। फ्रांस के राष्ट्रपति ने इस डील और लेबनान की स्थिति पर चर्चा के लिए एक खास सेशन रखा था। वहीं ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबबादी ने बताया कि 60 दिनों के युद्धविराम के दौरान प्रतिबंधों में ढील देने जैसे बड़े मुद्दों पर बातचीत होगी।

इस पूरी प्रक्रिया में G7 देशों के अलावा सऊदी अरब, कतर, यूएई और मिस्र जैसे क्षेत्रीय देशों की भी चर्चा हुई। हालांकि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ईरान डील वाले सेशन में हिस्सा नहीं लिया। G7 देशों ने यह भी साफ किया कि ईरान को इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के साथ पूरा सहयोग करना होगा ताकि परमाणु सुरक्षा नियमों का पालन हो सके।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.