फ्रांस के Évian-les-Bains में 15 से 17 जून 2026 तक 52वां G7 शिखर सम्मेलन चल रहा है। इस बैठक में दुनिया के सबसे ताकतवर देशों के नेता जुटे हैं। यहां सबसे बड़ी खबर अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते और यूक्रेन को मिलने वाली मदद को लेकर आई है।
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता
अमेरिका और ईरान के बीच दुश्मनी खत्म करने के लिए एक शुरुआती शांति समझौता हुआ है। इस डील का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच तनाव को खत्म करना और Strait of Hormuz (हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य) को फिर से खोलना है। इस समझौते के आधिकारिक कागजों पर हस्ताक्षर शुक्रवार, 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में किए जाएंगे।
- 19 जून तक इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते के पूरी तरह खुलने की उम्मीद है।
- अमेरिका ने यूरोपीय देशों से इस रास्ते से बारूद और माइन्स हटाने में मदद मांगी है।
- यूरोपीय नेताओं ने अभी इस समझौते के पूरे विवरण का इंतज़ार किया है क्योंकि इसकी लिखित कॉपी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
यूक्रेन के लिए बड़ा फैसला
G7 देशों ने यूक्रेन की संप्रभुता और उसकी जमीन की रक्षा के लिए अपना समर्थन दोहराया है। नेताओं ने वादा किया है कि वे यूक्रेन की सैन्य और ऊर्जा क्षमताओं को मजबूत करेंगे।
- यूक्रेन को ज्यादा एयर डिफेंस सिस्टम और लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियार दिए जाएंगे।
- यूक्रेन में ही हथियार बनाने के लिए लाइसेंस देने पर विचार किया जा रहा है।
- सर्दियों से पहले यूक्रेन की बिजली और ऊर्जा व्यवस्था को सुधारने के लिए मदद दी जाएगी।
- रूस की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने के लिए तेल और गैस सेक्टर पर और कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
इन नेताओं ने लिया हिस्सा
इस समिट की मेजबानी फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump इसमें शामिल हुए हैं। बैठक में भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi, यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy और UAE, Qatar, ब्राजील, मिस्र, केन्या और दक्षिण कोरिया के नेता भी चुनिंदा चर्चाओं में शामिल हुए।
अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे
शांति समझौतों के अलावा, इस समिट में दुनिया की आर्थिक स्थिति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास पर भी बात हुई। साथ ही, जरूरी खनिजों की सप्लाई के लिए चीन पर निर्भरता कम करने और सप्लाई चेन को स्थिर रखने पर जोर दिया गया।