G7 देशों के नेताओं ने दुनिया की आर्थिक तरक्की और व्यापार को सुरक्षित बनाने के लिए बड़ी अपील की है. उन्होंने Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को फिर से सुरक्षित और फ्री करने पर जोर दिया है. यह कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था में मची उथल-पुथल को रोकने के लिए उठाया गया है.
G7 समिट और व्यापारिक रास्ते पर चर्चा
फ्रांस के Evian में हुई G7 समिट 17 जून 2026 को खत्म हुई. इस बैठक के बाद नेताओं ने एक साझा बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए आपसी सहयोग जरूरी है. विशेष रूप से Strait of Hormuz में बिना किसी टोल या शुल्क के जहाजों का आना-जाना अंतरराष्ट्रीय व्यापार की बुनियाद है. यह रास्ता दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बहुत अहम है.
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता
नेताओं ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का स्वागत किया है. इस डील की घोषणा 14 जून 2026 को हुई थी और 19 जून को इस पर औपचारिक हस्ताक्षर होंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस रास्ते को बिना किसी शुल्क के खोलने की मंजूरी दे दी है. G7 देशों का मानना है कि यह समझौता ईरान के परमाणु हथियारों के खतरे को रोकने का एक बड़ा मौका है.
सुरक्षा की स्थिति और चुनौतियां
- ब्रिटेन और फ्रांस मिलकर एक मिशन चलाएंगे ताकि रास्ते से बारूदी सुरंगें यानी माइन्स को हटाया जा सके.
- Bimco जैसी संस्थाओं का कहना है कि खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और सुरक्षित रास्तों के निर्माण में समय लगेगा.
- जापान की Mitsui OSK Lines के मुताबिक, जहाज तब तक वापस नहीं आएंगे जब तक सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं मिल जाती.
- Joint Maritime Information Centre (JMIC) ने खतरे के स्तर को घटाकर ‘substantial’ कर दिया है, जो फरवरी से सबसे कम स्तर है.
हाल ही में 16 जून को एक भारतीय LNG टैंकर ‘Disha’ इस रास्ते से सफलतापूर्वक गुजरा है. हालांकि, 15 और 16 जून की रात को इस इलाके में तीन धमाकों की खबरें भी आई थीं, जिन्हें लेकर अभी पूरी स्थिति साफ नहीं हुई है.