केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 14 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि आम कार मालिक अपनी गाड़ी की माइलेज को E20 पेट्रोल पर सही तरीके से नहीं माप सकते हैं। उन्होंने वाहन चालकों को सलाह दी कि वे माइलेज जांचने के लिए किसी भी तरह का निजी प्रयास करने के बजाय अपने ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर पर जाकर जांच करवाएं। यह बयान 13 जुलाई 2026 को एक इंटरव्यू के दौरान दिया गया, जो 1 अप्रैल 2026 से देशभर में लागू हुए E20 ईंधन के बाद से लोगों में चल रही चर्चाओं के बीच आया है।
E20 ईंधन और इंजन पर सरकार का रुख
मंत्री ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि E20 पेट्रोल से इंजन खराब हो रहा है। उन्होंने आलोचकों को चुनौती दी कि वे इसके लिए ठोस वैज्ञानिक सबूत पेश करें। उन्होंने यह स्वीकार किया कि एथेनॉल की कम कैलोरी वैल्यू के कारण हाइवे पर चलते समय गाड़ी की माइलेज में 3 से 5 प्रतिशत तक की मामूली कमी हो सकती है। हालांकि, शहर के अंदर गाड़ी चलाने पर इस अंतर को महसूस करना बहुत मुश्किल है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की सफाई
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने भी 10 जुलाई 2026 को जानकारी दी थी कि कुछ गाड़ियों में माइलेज पर थोड़ा असर पड़ सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया कि E20 ईंधन को ARAI और IIP जैसी बड़ी संस्थानों द्वारा व्यापक टेस्टिंग के बाद ही बाजार में उतारा गया है। इसमें ऑक्टेन रेटिंग बेहतर होती है, जिससे इंजन के लिए यह सुरक्षित है और इससे पर्यावरण को भी कम नुकसान होता है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि फिलहाल शुद्ध पेट्रोल या E10 वापस लाने की कोई योजना नहीं है क्योंकि इसके लिए भारी बुनियादी ढांचा तैयार किया जा चुका है।
