HIV रोकथाम के लिए बड़ी पहल, भारत में बनेगा सस्ता इंजेक्शन, साल का खर्च मात्र 40 डॉलर

बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने भारत की दवा कंपनियों के साथ एक बड़ी साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य HIV से बचाव के लिए lenacapavir नाम की दवा का उत्पादन करना है, जो हर छह महीने में केवल एक बार इंजेक्शन के रूप में दी जाएगी। इस नई दवा को Yeztugo के नाम से जाना जाएगा और इसे 120 निम्न और मध्यम आय वाले देशों में उपलब्ध कराया जाएगा।
सस्ता और असरदार इलाज
वर्तमान में Gilead Sciences की अमेरिका में कीमत 28,000 डॉलर से अधिक है, लेकिन इस नए समझौते के तहत इसका खर्च प्रति मरीज लगभग 40 डॉलर सालाना तक कम हो जाएगा। यह इंजेक्शन साल 2027 से लोगों के लिए उपलब्ध होगा। यह दवा उन लोगों के लिए बेहद मददगार साबित होगी जिन्हें रोजाना गोलियां खाने में दिक्कत आती है।
क्लीनिकल ट्रायल और सरकारी मान्यता
PURPOSE 1 और PURPOSE 2 क्लीनिकल ट्रायल के नतीजे बेहद सफल रहे हैं, जिसमें 96 से 100 प्रतिशत तक जोखिम कम होने की बात सामने आई है। इस दवा को जून 2025 में अमेरिकी FDA और अगस्त 2025 में यूरोपीय आयोग से मंजूरी मिल चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी जुलाई 2025 में इसे एक प्रभावी रोकथाम उपचार के रूप में मान्यता दी है।
इसके अलावा, गेट्स फाउंडेशन ने 2026-2028 के लिए ग्लोबल फंड को 912 मिलियन डॉलर की मदद देने का वादा किया है, जिससे HIV, टीबी और मलेरिया जैसी बीमारियों से लाखों जिंदगियां बचाई जा सकें। अधिक जानकारी के लिए आप HIV.gov की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।