Gautam Adani Case: अमेरिका की अदालत ने गौतम अडाणी के खिलाफ धोखाधड़ी और रिश्वत के मामले किए स्थायी रूप से खारिज.

Aanya11 August 20263 min read52 viewsIndia
Gautam Adani Case: अमेरिका की अदालत ने गौतम अडाणी के खिलाफ धोखाधड़ी और रिश्वत के मामले किए स्थायी रूप से खारिज.

अमेरिका की एक बड़ी अदालत ने अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी को बहुत बड़ी राहत दी है। अदालत ने दोनों के खिलाफ प्रतिभूति एवं धोखाधड़ी से जुड़े सभी आपराधिक मामलों को स्थायी रूप से खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद पिछले 2 साल से चल रही कानूनी कार्यवाही अब पूरी तरह से समाप्त हो गई है। आम आदमी और निवेशकों के लिए यह एक बहुत बड़ा कानूनी घटनाक्रम है, जिससे बाजार में अनिश्चितता का दौर अब थम गया है।

अदालत का बड़ा फैसला और नियम 48(ए)

न्यूयॉर्क के ‘यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट फॉर द ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट’ ने न्याय विभाग के नियम 48(ए) के तहत एक याचिका स्वीकार की थी। इस याचिका के आधार पर ही आरोप पत्र में शामिल दूसरे, तीसरे और चौथे आरोपों को पूरी तरह खारिज किया गया है। अदालत के न्यायाधीश निकोलस गैरॉफिस ने अभियोजन पक्ष से इस मामले को वापस लेने के फैसले पर विस्तार से स्पष्टीकरण मांगा था। सभी पक्षों की बात सुनने के बाद न्यायाधीश ने न्याय विभाग की इस याचिका को अपनी मंजूरी दे दी।

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इन आरोपों को स्थायी रूप से खारिज किए जाने का मतलब यह है कि अब यह आपराधिक कार्यवाही हमेशा के लिए खत्म हो चुकी है। इन पुराने मामलों को भविष्य में दोबारा नहीं खोला जा सकता और न ही दोबारा दायर किया जा सकता है। खारिज किए गए इन गंभीर आरोपों में मुख्य रूप से प्रतिभूति धोखाधड़ी की साजिश, वायर धोखाधड़ी की साजिश और अन्य प्रतिभूति धोखाधड़ी से जुड़े मामले शामिल थे, जिन्होंने पिछले कुछ समय से काफी सुर्खियां बटोरी थीं।

गौतम अडाणी की प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पर बयान

इस अदालती फैसले के सामने आने के बाद गौतम अडाणी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने इसे बहुत ही विनम्रता और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति अपने गहरे सम्मान के साथ स्वीकार किया है। अडाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक आधिकारिक पोस्ट जारी कर अपने विचार साझा किए।

उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि इस बेहद चुनौतीपूर्ण दौर में सत्य, निष्पक्षता और कानून के शासन में उनका और उनकी टीम का भरोसा कभी नहीं डिगा। उन्होंने उन तमाम लोगों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया जिन्होंने पूरी व्यवस्था पर और विशेष रूप से भारत की न्याय व्यवस्था की क्षमता पर अपना अटूट भरोसा बनाए रखा। अडाणी समूह ने यह भी स्पष्ट किया कि वे आगे भी पूरी निष्ठा के साथ देश के निर्माण, दीर्घकालिक मूल्य सृजन और समाज के बड़े उद्देश्यों की पूर्ति के लिए लगातार काम करते रहेंगे। यही उनकी और उनके समूह की मुख्य प्रतिबद्धता है।

मामले की शुरुआत और पिछले साल का घटनाक्रम

यह पूरा कानूनी मामला नवंबर 2024 में शुरू हुआ था। उस समय अमेरिकी अभियोजकों ने यह गंभीर आरोप लगाया था कि गौतम अडाणी, सागर अडाणी, अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड यानी AGEL के पूर्व सीईओ वनीत जैन और कुछ अन्य लोग एक बड़ी साजिश में शामिल थे। आरोप के मुताबिक भारत के सरकारी अधिकारियों को लगभग 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर की रिश्वत देने की साजिश रची गई थी, जिसके बाद अमेरिकी अदालतों में यह मामला आगे बढ़ा था। अब इस फैसले के आने के बाद इन सभी आरोपों और कानूनी झमेलों का पूरी तरह से अंत हो गया है।

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