Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक गाजा के अल बुरेज कैंप में इसराइली हमले से एक परिवार तबाह हो गया। इस हमले में एक पिता तो चमत्कारिक रूप से बच गया लेकिन उसके चार बच्चों की जान चली गई। युद्ध विराम के छह महीने बीत जाने के बाद भी वहां हालात बहुत खराब हैं और हजारों लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं।

मलबे में दबे लोग और मशीनों की पाबंदी

इसराइली सरकार गाजा में मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों को अंदर आने की अनुमति नहीं दे रही है। इस वजह से करीब 10,000 लोग अब भी मलबे के नीचे फंसे हुए हैं। छह महीने पहले युद्ध विराम का समझौता हुआ था लेकिन राहत कार्य अब भी पूरी तरह रुका हुआ है।

मानवीय सहायता और ट्रकों का असल हाल

गाजा गवर्नमेंट मीडिया ऑफिस (GMO) ने बताया कि सहायता सामग्री लाने वाले ट्रकों की संख्या तय सीमा से बहुत कम है। समझौते के मुताबिक रोजाना 600 ट्रक आने चाहिए थे लेकिन असलियत कुछ और ही है।

विवरण आंकड़े
रोजाना तय कोटा 600 ट्रक
कुल घुसे ट्रक 207 ट्रक
मानवीय सहायता वाले ट्रक 79 ट्रक
सहायता का स्तर तय सीमा का 38% से कम

रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 40 दिनों में से 36 दिन इसराइल ने गाजा पर बमबारी की और इसमें 107 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा केवल 8% मेडिकल मरीजों को बाहर जाने की अनुमति मिली और कुल सहायता ट्रकों में से सिर्फ 20% को ही अंदर आने दिया गया।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.