नवंबर 2023 में गाज़ा के Al Shifa Hospital से सुरक्षित निकाले गए समय से पहले जन्मे बच्चे आखिरकार अपने परिवार से मिल गए हैं। ये बच्चे लगभग ढाई साल से अपने माता-पिता से दूर मिस्र के अस्पतालों में इलाज करा रहे थे। सोमवार को दक्षिणी गाज़ा के Khan Younis में हुए इस मिलन के दौरान माता-पिता और बच्चों के बीच काफी भावुक पल देखे गए। इजरायली सेना की कार्रवाई के दौरान इन बच्चों को केवल मेडिकल स्टाफ के साथ मिस्र भेजा गया था।

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अल-शिफा अस्पताल से बच्चों को क्यों निकाला गया था?

नवंबर 2023 में जब इजरायली सेना ने Al Shifa Hospital पर छापा मारा था, तब वहां नवजात बच्चों की जान को बड़ा खतरा पैदा हो गया था। उस समय अस्पताल में बिजली और ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई थी, जिससे इन बच्चों का बचना मुश्किल था। सुरक्षा कारणों और बेहतर इलाज के लिए 31 बच्चों को वहां से निकालकर पहले दक्षिणी गाज़ा और फिर मिस्र भेजा गया था। नियमों के कारण इन बच्चों के साथ उनके माता-पिता को जाने की अनुमति नहीं मिली थी और वे तब से ही अलग थे।

वापसी और वर्तमान स्थिति की मुख्य जानकारी

UNICEF और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की मदद से इन बच्चों की सुरक्षित वापसी संभव हो पाई है। इस पूरी प्रक्रिया और बच्चों की स्थिति को नीचे दिए गए बिंदुओं से समझा जा सकता है:

  • कुल 31 बच्चे शुरुआत में इलाज के लिए मिस्र भेजे गए थे।
  • मिस्र पहुंचने के बाद और इलाज के दौरान 7 बच्चों की मौत हो गई थी।
  • ताज़ा जानकारी के मुताबिक, 10 से 11 बच्चे अब अपने परिवारों से मिल चुके हैं।
  • सुंदुस अल-कुर्द जैसी माताओं ने ढाई साल के लंबे इंतज़ार के बाद अपनी बेटी बिस्सान को गले लगाया।
  • बच्चों के पिता अहमद अल-हर्ष ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों का बचपन केवल तस्वीरों में ही देखा था।

परिवारों के लिए यह नया जन्म जैसा पल

बच्चों के वापस आने पर परिवारों में खुशी और पुरानी यादों का मिला-जुला माहौल है। माताओं का कहना है कि आज का दिन उनके लिए किसी जन्मदिन या नई शुरुआत जैसा है। हालांकि, लंबे समय तक अलग रहने के कारण बच्चे अपने माता-पिता को पहचान नहीं पा रहे थे, जिसे लेकर परिवार थोड़े दुखी भी दिखे। WHO और Palestine Red Crescent Society ने इन बच्चों को सुरक्षित निकालने और वापस लाने के लिए समन्वय किया था ताकि उन्हें उचित चिकित्सा देखभाल मिल सके।