गाजा में सीजफायर पर बढ़ा तनाव, पतंग उड़ाने के निर्देश पर हमास और अमेरिका समर्थित बोर्ड आमने-सामने.

गाजा में चल रहे संघर्ष विराम के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है जहां अमेरिका समर्थित बोर्ड के आदेश को हमास के एक बड़े अधिकारी ने मानने से साफ इंकार कर दिया है। 25 अगस्त 2026 को गाजा बोर्ड ऑफ पीस ने एक निर्देश जारी किया था जिसमें तुरंत प्रभाव से गाजा में पतंग उड़ाने पर रोक लगाने की बात कही गई थी। इस बोर्ड का मुख्य काम अक्टूबर 2025 में हुए संघर्ष विराम समझौते की देखरेख करना है और इसने मिस्र, कतर तथा तुर्की के मध्यस्थों के जरिए हमास तक यह चेतावनी पहुंचाई थी कि किसी भी तरह की ऐसी गतिविधि को तुरंत बंद किया जाए।
हमास के अधिकारी बासेम नईम ने इस बोर्ड के निर्देश को सार्वजनिक रूप से चुनौती दी और पतंग उड़ाने को बच्चों का एक सामान्य खेल बताया। उनका यह कहना था कि इस साधारण गतिविधि को इस्राइल बच्चों पर सैन्य हमले बढ़ाने के बहाने के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। दूसरी तरफ बोर्ड ने इस्राइल से भी यह अपील की थी कि वह समझौते के दूसरे चरण को लागू करने की शुरुआत करे। इस दूसरे चरण के रोडमैप में स्थायी रूप से युद्ध रोकना, इस्राइली सेना का पूरी तरह बाहर जाना और राहत सामग्री की लगातार आपूर्ति शामिल है। हालांकि इस्राइल का यह रुख है कि जब तक हमास पूरी तरह हथियार नहीं डाल देता तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
इस्राइल की तरफ से हवाई हमले की धमकी और हालात
इस विवाद के पीछे मुख्य वजह इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ का वह संयुक्त बयान है जो उन्होंने 23 अगस्त को दिया था। इस बयान में उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर पतंग, गुब्बारे या ड्रोन उड़ाने का सिलसिला नहीं रुका तो वे भारी हवाई हमला करेंगे और लोगों को वहां से हटने के लिए मजबूर कर दिया जाएगा। बोर्ड के सूत्रों ने यह बात साफ की कि जिन पतंगों को इस्राइल की सीमा तक भेजा जा रहा है उनमें कोई हथियार या आग लगाने वाली सामग्री नहीं होती है। इसके बावजूद इस्राइली अधिकारियों का आरोप है कि ये गतिविधियां उनकी प्रतिक्रिया परखने या फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन तकनीक की तैयारी हो सकती हैं।
बढ़ते दबाव को देखते हुए गाजा की लोकप्रिय समितियों ने हमास के साथ मिलकर माता-पिता को चेतावनी दी है कि वे अपने बच्चों को पतंग उड़ाने से रोकें। वहीं संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्च आयुक्त कार्यालय की प्रवक्ता रवीना शामदासानी ने इस्राइल की तरफ से दी जा रही विस्थापन की धमकियों को अनुचित बताया और नेताओं के बयानों की आलोचना की। समझौते के बावजूद इस्राइली हमले 24 और 25 अगस्त को भी जारी रहे जिनमें एक पानी के प्लांट, एक मस्जिद और एक गोदाम को निशाना बनाया गया। इन हमलों में दो बच्चों सहित कम से कम सात लोगों की मौत हो गई।