Gaza News: इसराइली धमकी के बाद गाजा के एक बच्चे ने अपने हाथों से तोड़े खिलौने वाले काइट्स, देखें पूरी खबर.

गाजा पट्टी में बढ़ते तनाव के बीच एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहाँ एक फलस्तीनी बच्चे को रोते हुए अपने ही खिलौने वाले काइट्स यानी पतंगों को नष्ट करते हुए कैमरे में रिकॉर्ड किया गया। यह घटना 25 अगस्त 2026 की है जब इसराइली सेना की तरफ से उन इलाकों में बमबारी करने की धमकियां लगातार मिल रही थीं जहाँ से बच्चे पतंग उड़ाते हैं। अलजज़ीरा के पत्रकार Tareq Azzom ने इस घटना की जानकारी पूरी दुनिया के सामने रखी है क्योंकि स्थानीय लोग इसराइली सेना के नए निर्देशों के बाद भारी परेशानी और डर के माहौल में जी रहे हैं।
इसराइली सरकार और सेना का सख्त रुख
इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा कर दी है कि गाजा पट्टी से उड़ाए जाने वाले किसी भी तरह के काइट्स, गुब्बारे और ड्रोन को सीधा सैन्य खतरा या युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उन चीजों में विस्फोटक सामग्री बंधी है या नहीं। इसराइली सेना यानी IDF को ऐसे मामलों में तुरंत टारगेटेड स्ट्राइक करने और उन इलाकों को खाली कराने की पूरी छूट दे दी गई है जहाँ से ऐसी चीजें उड़ाई जाती हैं।
हमास को काइट एक्टिविटी रोकने के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया था जो मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को खत्म हो गया। इसराइली सैन्य सूत्रों ने खुद यह माना कि इसराइल के कबूत Nahal Oz के पास से जो पतंगे बरामद हुईं वे पूरी तरह से हानिरहित थीं यानी उनसे कोई खतरा नहीं था। इसके बावजूद इसराइली अधिकारियों का यह कहना है कि हमास इन चीजों का इस्तेमाल सेना की रक्षात्मक तैयारियों को परखने के लिए कर रहा है।
हमास और स्थानीय अधिकारियों की प्रतिक्रिया
हमास के प्रवक्ता Hazem Qassem ने इसराइली वर्गीकरण को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि ये पतंगे कोई हथियार नहीं बल्कि भीड़भाड़ वाले विस्थापन शिविरों में रहने वाले बच्चों द्वारा बनाए गए साधारण और मासूम खिलौने हैं। हमास के अधिकारियों ने इसराइल पर यह गंभीर आरोप लगाया है कि वह इन पतंगों के बहाने सैन्य कार्रवाई को सही ठहराना चाहता है और जानबूझकर आम नागरिकों की जान को खतरे में डाल रहा है।
इस बढ़ती हिंसा और खतरे को भांपते हुए गाजा के स्थानीय प्रशासन ने सभी माता-पिता को यह सलाह दी है कि वे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें पतंग उड़ाने से पूरी तरह रोक दें ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की तीखी प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की प्रवक्ता Ravina Shamdasani ने इसराइली अधिकारियों द्वारा आबादी वाले इलाकों को खाली कराने की धमकी को बेहद चौंकाने वाला और आपत्तिजनक बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के प्रति खुले अपमान को दर्शाती है।
दूसरी तरफ राजनीतिक विश्लेषक Mustafa Ibrahim का यह कहना है कि इसराइल के अधिकारियों को अच्छी तरह पता है कि ये चीजें बच्चों के खेलने के खिलौने मात्र हैं, लेकिन वे गाजा के इलाके पर लगातार सैन्य दबाव बनाए रखने के लिए जानबूझकर इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। 25 अगस्त को आई रिपोर्ट्स के मुताबिक अल्टीमेटम की समय सीमा खत्म होने के बावजूद गाजा में इसराइली हमले लगातार जारी रहे और इन हमलों में कई मासूम बच्चों की जान चली गई।