गाज़ा में बच्चों के इलाज के लिए 3D प्रिंटिंग का इस्तेमाल, इसराइल की पाबंदियों से संकट में पड़ी मदद, कई बच्चों का इलाज रुका

गाज़ा में हमलों के दौरान घायल हुए बच्चों के इलाज के लिए 3D प्रिंटिंग तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। लेकिन इसराइल द्वारा सप्लाई और सहायता संगठनों पर लगाई गई पाबंदियों की वजह से यह इलाज अब खतरे में है। जरूरी सामान न मिलने के कारण कई बच्चों की सर्जरी और उपचार को रोकना पड़ा है।

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3D प्रिंटिंग तकनीक से बच्चों की कैसे हो रही है मदद?

MSF संस्था गाज़ा में चेहरे के गंभीर रूप से जले बच्चों के लिए 3D प्रिंटेड फिजियोथेरेपी मास्क बना रही है। उनके पास मौजूद 88 जलने वाले मरीजों में से 85 फीसदी बच्चे हैं। इसके अलावा UNICEF और 3DP4ME जैसी संस्थाएं घायल बच्चों के लिए 3D प्रिंटेड नकली अंग तैयार करने पर काम कर रही हैं। UNICEF इसके लिए जॉर्डन में एक प्रोडक्शन फैसिलिटी बना रहा है ताकि बच्चों को दोबारा स्वस्थ किया जा सके।

इलाज में क्या बड़ी बाधाएं आ रही हैं?

इसराइल ने दिसंबर 2025 में MSF और 37 अन्य संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया था। नए नियमों के तहत अब सहायता संस्थाओं को अपने स्टाफ के नाम, फंडिंग की जानकारी और ऑपरेशनल डिटेल देनी होगी। WHO ने अप्रैल 2026 में रिपोर्ट किया कि गाज़ा में कोई भी मेडिकल सप्लाई या दवाएं नहीं पहुंचने दी गईं। इस वजह से 3D प्रिंटर के स्पेयर पार्ट्स और फिलामेंट जैसे जरूरी सामान खत्म हो गए हैं।

संस्थाओं और मौजूदा स्थिति की पूरी जानकारी

संस्था/इकाई मुख्य काम/भूमिका वर्तमान स्थिति
MSF 3D फिजियोथेरेपी मास्क देना रजिस्ट्रेशन रद्द, सामान की कमी
UNICEF 3D नकली अंग (Prosthetics) बनाना जॉर्डन में फैसिलिटी की तैयारी
3DP4ME स्टेप बाय स्टेप प्रोस्थेटिक प्रोग्राम स्थानीय स्टाफ को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य
WHO स्वास्थ्य निगरानी मेडिकल सप्लाई पूरी तरह बंद होने की रिपोर्ट
COGAT सहायता की निगरानी नए रजिस्ट्रेशन नियम लागू किए
इसराइल सरकार सीमा नियंत्रण 38 NGOs का रजिस्ट्रेशन रद्द किया
मरीज इलाज का इंतजार 4,000 बच्चे मेडिकल इवैक्युएशन लिस्ट में