Gaza Children Speech Loss: गाजा में जंग का खौफनाक असर, बोलने की शक्ति खो रहे हैं बच्चे, विशेषज्ञों ने जताई चिंता

गाजा में चल रहे युद्ध का असर अब बच्चों की बोलचाल पर दिखने लगा है। वहां के विशेषज्ञों ने बताया कि बहुत से बच्चे अब बोलने की क्षमता खो रहे हैं। इसका मुख्य कारण युद्ध में लगी गंभीर चोटें और मानसिक सदमा है। यह स्थिति बच्चों के भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है।

ℹ️: Makkah Police Action: सऊदी में फर्जी हज विज्ञापनों के जरिए धोखाधड़ी करने वाले 5 गिरफ्तार, प्रवासियों के लिए बड़ी चेतावनी

गाजा के बच्चों में बोलने की समस्या क्यों बढ़ रही है?

UN की रिपोर्ट के अनुसार करीब 11 लाख बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल और सहारे की जरूरत है। विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार हो रही बमबारी और डर की वजह से बच्चों में हकलाने और पूरी तरह चुप हो जाने जैसी समस्याएं बढ़ी हैं। UNFPA ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गाजा में मानसिक स्वास्थ्य का संकट अब बहुत गहरे स्तर पर पहुंच गया है।

विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने क्या जानकारी दी?

  • अमीना अल-दहदूह (स्पीच थेरेपिस्ट): इन्होंने बताया कि उनके कैंप में 10 में से 6 बच्चे बोलने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं, जिनमें हकलाना सबसे आम है।
  • Doctors Without Borders (MSF): यहां के डॉक्टरों ने कहा कि बच्चे हर पल अगले हवाई हमले के डर में जीते हैं, जिससे उन पर गहरा मनोवैज्ञानिक दबाव पड़ा है।
  • PNECD रिपोर्ट: इस रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध के सदमे से बच्चों के दिमाग के उन हिस्सों पर असर पड़ा है जो याददाश्त और भाषा सीखने के काम आते हैं।

इलाज और मौजूदा स्थिति क्या है?

Gaza Community Mental Health Program के डायरेक्टर डॉ. यासिर अबू जमेआ ने बताया कि वहां मानसिक थकान बहुत ज्यादा फैल चुकी है। मेडिकल टीमें बहुत कठिन हालातों में बच्चों का इलाज करने की कोशिश कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में यह समस्या सीधे तौर पर इजरायली बमबारी और उसके कारण पैदा हुए डर से जुड़ी है।