गाजा में सिविल डिफेंस का बड़ा ऑपरेशन, Zeitoun इलाके से मलबे से निकाले गए 11 शव.

गाजा में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। बुधवार, 19 अगस्त 2026 को गाजा के सिविल डिफेंस ने आधिकारिक तौर पर यह जानकारी दी कि उन्होंने Zeitoun इलाके में तीन दिनों तक चले अपने अभियान को पूरा कर लिया है। इस दौरान बचाव टीमों ने अल-सवाफिरी घर के मलबे से कुल 11 फिलिस्तीनियों के शवों को बाहर निकाला है। यह अभियान काफी मुश्किलों से भरा था जिसे स्थानीय टीमों ने अपनी जान जोखिम में डालकर पूरा किया।
मलबे से शव निकालने का अभियान
गाजा के सिविल डिफेंस के मलबे के नीचे से पीड़ितों को निकालने वाले कार्यकारी supervisor कर्नल मोहम्मद अबू दान ने इस ऑपरेशन के पूरा होने की पुष्टि की। अल-सवाफिरी साइट पर राहत कार्य खत्म होने के बाद, अब बचाव टीमों ने गाजा सिटी में एक नई जगह पर अपना रुख कर लिया है। वहां पहुंचने के बाद टीमों ने आगे की खोज और बचाव गतिविधियां फिर से शुरू कर दी हैं, ताकि मलबे में दबे अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।
19 जुलाई से शुरू हुआ था बड़ा प्रोजेक्ट
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह स्थानीय स्तर के ऑपरेशन सिविल डिफेंस द्वारा 19 जुलाई को शुरू किए गए एक बड़े और चल रहे प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गाजा सिटी, उत्तर गाजा और मध्य गाजा के गवर्नरियों में تباہ हुए 147 घरों के मलबे के नीचे दबे अनुमानित 1,072 शवों को बाहर निकालना है। युद्ध की विभीषिका के बाद से ही यह मलबा हटाने का काम एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिसे प्रशासन चरणबद्ध तरीके से पूरा करने में जुटा हुआ है।
संसाधनों की भारी कमी का सामना
गाजा सिविल डिफेंस के प्रवक्ता महमूद बासाल ने मीडिया को बताया कि राहत और बचाव टीमों को अभी भी काम करने में बहुत सारी गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इन प्रयासों में सबसे बड़ी बाधा भारी मशीनरी जैसे कि एक्सकेवेटर, बुलडोजर और ट्रकों की भारी कमी है। इसके अलावा, ईंधन और जरूरी लॉजिस्टिक्स सामान की भी बहुत किल्लत बनी हुई है। इन तमाम मुश्किलों और चुनौतियों के बीच इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस यानी ICRC लगातार इन राहत कार्यों में मदद और समर्थन प्रदान कर रही है, जिससे कुछ हद तक काम को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।