गाजा में चल रहे संघर्ष के बीच वहां के स्वास्थ्य मंत्रालय ने नए डराने वाले आंकड़े जारी किए हैं। 7 अक्टूबर 2023 से शुरू हुए इस तनाव में अब तक मरने वाले फिलिस्तीनियों की संख्या बढ़कर 72,938 हो गई है। इसके साथ ही इस दौरान करीब 1,72,919 लोग घायल हुए हैं। सोशल मीडिया और आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, युद्धविराम के बावजूद गाजा में हालात लगातार नाजुक बने हुए हैं और आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

पिछले 24 घंटों में गाजा में क्या हुआ?

गाजा पट्टी के स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में गाजा के अस्पतालों में सात शव लाए गए हैं। इनमें से छह लोग नए हमलों में मारे गए हैं, जबकि एक व्यक्ति की मौत पहले लगे जख्मों के कारण हुई है। इसी अवधि के दौरान 25 नए घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा, 30 मई 2026 को मध्य गाजा के डीर अल-बलाह में हुए एक इजरायली हवाई हमले में याफा अस्पताल के एनेस्थीसिया विभाग के प्रमुख डॉ. जमाल Abu Aoun की मौत हो गई और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

युद्धविराम के दौरान नुकसान और वर्तमान स्थिति

गाजा में 11 अक्टूबर 2025 से एक युद्धविराम शुरू हुआ था, लेकिन इसके बावजूद भी हिंसा पूरी तरह नहीं थमी है। इस युद्धविराम अवधि के दौरान ही 929 फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है और 2,811 लोग घायल हुए हैं। सुरक्षा टीमों ने इस दौरान गाजा पट्टी के अलग-अलग इलाकों से मलबे के नीचे से 781 शवों को बाहर निकाला है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मलबे और खतरनाक रास्तों के कारण अभी भी कई शव दबे हुए हैं, जहां एम्बुलेंस और बचाव दल नहीं पहुंच पा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने भी गाजा में मौतों का कुल आंकड़ा लगभग 73,000 होने की पुष्टि की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

7 अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा में कुल कितने लोगों की मौत हुई है?

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा में कुल 72,938 फिलिस्तीनियों की मौत हुई है और 1,72,919 लोग घायल हुए हैं।

11 अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के बाद से गाजा में कितना नुकसान हुआ है?

युद्धविराम के बाद से अब तक गाजा में 929 लोगों की मौत हुई है, 2,811 लोग घायल हुए हैं और मलबे से 781 शव बरामद किए गए हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.